विज्ञापन
This Article is From Jun 25, 2022

पर्यावरण को लेकर बढ़ने वाली है इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भरता, चार्जिंग स्टेशन रोजगार का होंगे बेहतर विकल्प

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हाल के दिनों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. इन सबके बीच, लोगों में ई-व्हिकल को लेकर रुझान बढ़ा है.

पर्यावरण को लेकर बढ़ने वाली है इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भरता, चार्जिंग स्टेशन रोजगार का होंगे बेहतर विकल्प
नई दिल्ली:

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हाल के दिनों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. इन सबके बीच, लोगों में ई-व्हिकल को लेकर रुझान बढ़ा है. इसके पीछे की एक ठोस वजह है. एक तो पर्यावरण को देखते हुए ऐसे वाहन ईको फ्रेंडली हैं. वहीं इसे चलाने के लिए पेट्रो ईंधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है. देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे वाहनों की खूब डिमांड बढ़ी है. लेकिन इस बीच, इन वाहनों को लंबी दूरी तक ड्राइव करने के लिए एक बड़ी समस्या चार्जिंग की है. क्योंकि लंबी दूरी तक जाने के लिए पेट्रोल वाहनों के लिए जगह-जगह पेट्रोल पंप मिल जाएंगे. लेकिन इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहनों के लिए चार्जिंग एक बड़ी समस्या है. 

इस संबंध में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क स्टेटिक के को-फाउंडर और सीईओ अक्षित बंसल कहते हैं कि इस समस्या के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. चूंकि आने वाले समय में ई-व्हिकल की संख्या और बढ़ने वाली है. इसलिए हमने अभी तक देश के अलग-अलग हिस्सों में 6600 चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं. हमारी योजना है कि इसे छोटे-शहरों और कस्बों में भी स्थापित किया जाए.  

हालांकि, पेट्रोल-डीजल ईंधन से चलने वाले वाहनों के ऊपर इलेक्ट्रिक वाहनों को तरजीह देना अभी के परिपेक्ष्य में उचित नहीं होगा. लेकिन प्रदूषण से निपटने को लेकर आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भरता बढ़ने वाली है. इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क स्टेटिक के को-फाउंडर और सीटीओ राघव अरोड़ा कहते हैं कि आने वाला समय ई-व्हीकल का ही है. इसलिए हम लोगों ने इसके लिए शेल वेंचर्स के नेतृत्व में करीब 200 करोड़ की फंडिंग जुटाई है. इसकी मदद से हम छोटे शहरों में चार्जिंग स्टेशन लगाएंगे. चार्जिंग स्टेशन की निगरानी मोबाइल पर एक सॉफ्टवेयर की मदद से की जा सकती है.  

हाल के दिनों में कई राज्यों की सरकारों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को लेकर कई सकारात्मक बाते कही हैं. साथ ही इस दिशा में वह कई कदम भी उठा रही हैं. पेट्रोल और डीजल वाहनों की उम्र सीमा को घटाने को लेकर भी सरकारें विचार कर रही हैं. ऐसे में आने वाले समय में ई-व्हीकल और उनके चार्जिंग स्टेशनों की तादाद बढ़ने वाली है. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: