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बिजली-पानी बंद, गेट पर सरकारी बोर्ड... रेस कोर्स मस्जिद को लेकर क्या है पूरा विवाद?

दिल्ली के रेस कोर्स इलाके की सैकड़ों साल पुरानी बताई जा रही मस्जिद को लेकर विवाद गहरा गया है. मस्जिद के इमाम मौलाना हारून का कहना है कि प्रशासन ने परिसर को सरकारी संपत्ति बताते हुए पाबंदियां लगाई हैं, बिजली-पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है.

बिजली-पानी बंद, गेट पर सरकारी बोर्ड... रेस कोर्स मस्जिद को लेकर क्या है पूरा विवाद?
NDTV

दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित करीब सैकड़ों साल पुरानी मस्जिद चर्चा में है. दावा है कि इस मस्जिद का नाम 1977 के दिल्ली गजट में दर्ज है और NDMC की हेरिटेज सूची में भी इसे जगह मिली हुई है. लेकिन अब भूमि एवं विकास कार्यालय ने मस्जिद परिसर को अनधिकृत बताते हुए खाली करने का नोटिस दिया है. मस्जिद पक्ष ऐतिहासिक दस्तावेजों और वक्फ दर्जे का हवाला दे रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि जमीन सरकारी है. 

नमाज के बाद वापस बाहर लौटते कुछ लोगों से मस्जिद के इमाम के आरोपों पर बात की है. जिन्होंने कहा कि सरकार से अपील मस्जिद को ना छेड़ा जाए, सैकड़ों साल पुरानी मस्जिद है. 

मस्जिद के इमाम मौलाना हारून ने NDTV से बातचीत में कहा कि उन्हें मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर कोई लिखित नोटिस नहीं मिला है. अधिकारियों ने मौखिक रूप से जानकारी दी थी. इमाम के मुताबिक, अधिकारी 17 तारीख को आए थे. मस्जिद के गेट पर भारत सरकार की संपत्ति होने का बोर्ड 4-6 दिन पहले लगाया गया.

मस्जिद की बिजली-पानी बंद: मौलाना हारून

मौलाना हारून ने बताया कि मस्जिद की बिजली और पानी 7 तारीख से बंद हैं. रात में अंधेरा रहता है और तीन दिन पहले जनरेटर का इंतजाम किया गया, जिससे पानी भरा जा सके. इमाम ने कहा कि बिजली-पानी बंद होने के कारण नमाजी 3-4 दिनों से नहीं आ रहे थे, हालांकि बातचीत के दिन नमाजी मस्जिद पहुंचे.

मौलाना हारून के अनुसार, मस्जिद सैकड़ों साल पुरानी और ऐतिहासिक है. उनके मुताबिक, रिकॉर्ड में 2 बीघा जमीन दर्ज है, जिसमें मस्जिद, कुआं और कब्रिस्तान शामिल हैं. इमाम ने बताया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू से मुलाकात कर उन्हें मेमोरेंडम दिया गया. मंत्री ने इस मामले में कोशिश करने की बात कही.

मौलाना हारून ने कहा कि मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान 300-400 लोग आते हैं, जबकि आम दिनों में नमाजियों की संख्या 10-20 से लेकर 50 तक रहती है.

इमाम के मुताबिक, 7 तारीख के बाद से मस्जिद में लगातार कुछ न कुछ पाबंदियां लगाई जा रही हैं. गेट बंद कर दिया गया है और जमीन को सरकारी संपत्ति बताने वाला बोर्ड लगाया गया है. बाहर पुलिस वाले भी तैनात है. 

आम लोगों को मस्जिद में आने की इजाजत दे सरकार: मौलाना हारून

मौलाना हारून ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने पिछले दिन गजट नोटिफिकेशन जारी किया था.  मौलाना ने साफ कहा कि आगे इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी, उसे वक्फ बोर्ड देखेगा. इमाम ने सरकार से अपील की कि आम लोगों को मस्जिद में आने की अनुमति दी जाए, बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल की जाए और मस्जिद  को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाया जाए.

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