कुछ दिनों पहले नक्सलियों ने सुकमा में 25 जवानों की हत्या कर दी थी (फाइल फोटो)
- बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ तीन दिन से अभियान चल रहा था
- ऑपरेशन में CRPF, डीआरजी और कोबरा के जवान शामिल थे
- सुरक्षा बलों ने 15 से 20 नक्सलियों को मारने का दावा किया है
रायपुर:
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली और सुरक्षाबलों के बीच तीन दिनों तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने 15-20 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है. इस लड़ाई में एक जवान शहीद हो गया जबकि दो के घायल होने की ख़बर है.
पुलिस के मुताबिक माओवादियों के ख़िलाफ 3 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया. 100-150 की संख्या में नक्सलियों को घेरा गया था. खासबात ये थी कि पहली दफा माओवादी कोबरा जवानों की वर्दी में देखे गए. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, डीआरजी, ज़िला बल और कोबरा के जवान शामिल थे.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी देवेन्द्र चौहान ने बताया कि इस सघन अभियान में तकरीबन 350 सुरक्षाकर्मी शामिल थे और रविवार से मंगलवार तक तीन दिन लगातार माओवादियों से भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि अमूमन माओवादी काली ड्रेस पहनते हैं लेकिन पहली बार देखा गया वे कोबरा की यूनिफॉर्म में थे. हमले में भदोही के शरद उपाध्याय शहीद हुए, पुलिस और डीआरजी के दो जवान घायल हुए.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है.
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
पुलिस के मुताबिक माओवादियों के ख़िलाफ 3 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया. 100-150 की संख्या में नक्सलियों को घेरा गया था. खासबात ये थी कि पहली दफा माओवादी कोबरा जवानों की वर्दी में देखे गए. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, डीआरजी, ज़िला बल और कोबरा के जवान शामिल थे.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी देवेन्द्र चौहान ने बताया कि इस सघन अभियान में तकरीबन 350 सुरक्षाकर्मी शामिल थे और रविवार से मंगलवार तक तीन दिन लगातार माओवादियों से भिड़ंत हुई. उन्होंने बताया कि अमूमन माओवादी काली ड्रेस पहनते हैं लेकिन पहली बार देखा गया वे कोबरा की यूनिफॉर्म में थे. हमले में भदोही के शरद उपाध्याय शहीद हुए, पुलिस और डीआरजी के दो जवान घायल हुए.
सिन्हा ने कहा कि घायलों को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जबकि शहीद जवान के शव को पूरे सम्मान सहित उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया है.
बासागुड़ा थानाक्षेत्र के रायगुडम के जंगलों में मुठभेड़ शुरू हुई. हालांकि किसी भी नक्सली का शव फिलहाल पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस ने नक्सलियों के मारे जाने की संख्या का अंदाजा जगह-जगह मिले खून और घसीटने के निशानों के आधार पर लगाया है. पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली अपने साथियों के शव साथ ले गए.
उधर, जगदलपुर चिंतागुफा थानाक्षेत्र से 3 और चिंतलनार से 5 नक्सलियों को सीआरपीएफ व जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. उनके मुताबिक ये सभी बुर्कापाल हमले में शामिल थे. पुलिस ने अबतक बुर्कापाल हमले में शामिल 18 नक्सलियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.
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