मालदा:
- बुधवार सुबह, पश्चिम बंगाल के एकमात्र बीजेपी विधायक शमिक भट्टाचार्य तथा उनके 10 समर्थकों को मालदा में ही पुलिस ने हिरासत में लिया, ताकि वे कालियाचक न जा सकें, जहां निषेधाज्ञा लागू है।
- बीजेपी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर रविवार की हिंसा के दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है।
- केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "मालदा में साम्प्रदायिकता का उग्र रूप सामने है... पुलिस स्टेशन जला डाला गया... मासूमों पर हमले किए जा रहे हैं, और हाहाकार मचा हुआ है... जो ऐसा कर रहे हैं, वे पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा में ऐसा कर रहे हैं... वह कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है..."
- अखिल भारतीय हिन्दू महासभा नामक दक्षिणपंथी संगठन के नेता कमलेश तिवारी द्वारा उत्तर प्रदेश में कथित रूप से दिए गए पैगम्बर मोहम्मद से जुड़े बयान के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए एक मुस्लिम संगठन के आह्वान पर रविवार को कालियाचक में लगभग डेढ़ लाख लोग जुलूस निकालने के लिए जमा हुए थे।
- जुलूस के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने यात्रियों से भरी एक बस और एक पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। जब पुलिस वाले और बस के यात्री बचकर भाग गए, प्रदर्शनकारियों ने बस को आग लगा दी।
- इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन को भी आग लगा दी, और बीएसएफ की एक जीप समेत वहां खड़े अन्य वाहनों को भी फूंक डाला।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता समेत दो लोग घायल हुए। आरएसएस कार्यकर्ता उस समय घायल हुआ, जब वह कुछ लोगों के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास कर रहा था।
- हालात पर काबू पाने और स्थिति संभाले रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को बुला लिया गया, और दफा 144 लागू कर दी गई। कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
- मालदा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शरद द्विवेदी ने बताया है कि कालियाचक में स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण, परंतु शांत है, और हालात नियंत्रण में हैं।
- कमलेश तिवारी को पिछले महीने ही उनकी कथित टिप्पणी के लिए देशभर में विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, और वह फिलहाल लखनऊ की एक जेल में बंद हैं।
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