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बीजेपी ने दो सांसदों वाली पार्टी से लेकर देश की सबसे चहेती पार्टी बनने तक का सफर कुछ यूं किया तय

बीजेपी का स्थापना दिवस. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी के 45वां स्थापना दिवस (BJP Foundation Day) के मौके पर जानें कि कैसे, 6 अप्रैल 1980 को अस्तित्व में आई एक पार्टी, जिसके 1984 में सिर्फ 2 सांसद थे, साल 2024 में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर इतिहास रच दिया.

  1. भारतीय जनता पार्टी की स्थापना (BJP Foundation Day) 6 अप्रैल 1980 को अटल विहारी बाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गजों ने मिलकर मुंबई में की थी. साल 1930 में इसी तारीख को महात्मा गांधी ने डांडी यात्रा के बाद नमक बनाकर काला कानून तोड़ा था, इसीलिए पार्टी की नींव रखने के लिए 6 अप्रैल की तारीख चुनी गई. 

  2. बीजेपी के अस्तित्व में आने की कहानी जनसंघ से शुरू हुई. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थपना की थी. उनकी मौत के बाद कई बाजपेयी, आडवाणी समेत कई दिग्गज पार्टी के अध्यक्ष बने. साल 1977 में भारतीय जनसंघ का अस्तित्व खत्म कर इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया गया. 

  3. जनता पार्टी में आपसी खींचतान के चलते 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार गिरने के बाद संघी नेताओं को लगा कि उनको कोई नया मंच बनाना चाहिए. इसी तरह से 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की गई. साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस सहानभूति वोट पाकर 400 से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही. जब कि बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें ही मिल सकीं. 

  4. 1984 में गुजरात के मेहसाणा से एके पटेल और आंध्र प्रदेश के हमानकोंडा से पंडू भाई पाटिया जंगारेड्डी बीजेपीके टिकट पर चुनाव जीतकर संसद भवन पहुंचे. 6 साल तक वाजपेयी और फिर लाल कृष्ण आडवानी पार्टी के अध्यक्ष रहे. 

  5. साल 1989 के आम चुनाव में बीजेपी की किस्मत का पासा ऐसा पलटा कि 2 सीटों वाली पार्टी 85 जीटें जीतने में सफल रही. तब से अब तक बीजेपी लगातार आगे बढ़ती गई. बीजेपी ने साल 1991 में 120 सीटें जीतीं. 1996 में 161 सीटों पर जीत हासिल कर बीजेपी संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.  उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने. लेकिन बहुमत न होने की वजह से महज 13 दिन में उनको इस्तीफा देना पड़ा.

  6. मध्यावधि चुनावों के लिए बीजेपी ने दूसरे दलों के साथ समझौता  किया और एनडीए का गठन हुआ. बीजेपी ने 182 सीटों पर जीत हासिल की और अटल बहारी वाजपेयी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने. लेकिन 13 महीने बाद उनकी सरकार गिर गई. 1999 के चुनाव में बीजेपी को फिर से जीत हासिल हुई और एनडीए ने 303 सीटें जीतीं. इस दौरान वाजपेयी सरकार पूरे 5 साल तक चली. 

  7. साल 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 138 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं साल 2009 में पार्टी को 116 सीटों पर जीत हासिल हुई. साल 2014 में तो बीजेपी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 283 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. बीजेपी ने खुद के दम पर सरकार बनाई. तब से दिन व दिन बीजेपी का ग्राफ बढ़ता ही गया. 

  8. साल 2019 में बीजेपी ने 300 से ज्यादा सीटों पर विजय हासिल कर इतिहास रच दिया. वहीं एनडीए ने 350 से ज्यादा सीटें जीतीं. अब साल 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 370 और एनडीए ने 400 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. पार्टी इस दिशा में लगातार काम कर रही है. चुनाव को देखते हुए पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा जैसे तमाम दिग्गज चुनाव प्रचार में जुट गए हैं. 

  9. तमाम राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से सत्ता में लौटेगी. हालांकि पार्टी का 370 सीटें जीतने का लक्ष्य थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इसके लिए बीजेपी को उन राज्यों में क्लीन स्वीप को दोहराना होगा, जहां 2019 में सभी सीटों पर जीत हासिल की थी. 

  10.  लोकसभा चुनाव 2024 में सीटें जीतने के अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बीजेपी के करीब 19 हजार कार्यकर्ता हर तक 40 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंच रहे हैं. 


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