गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी ने खुशी जताई है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने चुनाव परिणामों पर सोशल मीडिया के माध्यम से गुजरात की जनता का आभार प्रकट किया. गढ़वी की इस पोस्ट को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी रीपोस्ट किया और राज्य में पार्टी की बढ़ती सक्रियता और चुनावी प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी.
आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि पिछली बार जहां पार्टी महज 69 सीटों तक सीमित थी, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 650 से अधिक पहुंच गई है, लगभग 10 गुना वृद्धि. पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि जनविश्वास का विस्तार है. नर्मदा जिला पंचायत पर बहुमत हासिल करना और 12 से अधिक तालुका पंचायतों में जीत दर्ज करना इस बात का संकेत है कि AAP अब केवल शहरी प्रयोग नहीं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी गुजरात की भी आवाज बन रही है.
'आप' के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि गुजरात के निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के सभी जीते हुए उम्मीदवारों को बहुत-बहुत बधाई. गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर FIR हुई, उन्हें जेल में डाला गया लेकिन फिर भी उन्होंने डटकर चुनाव लड़ा. आम आदमी पार्टी ने पिछली बार की तुलना में लगभग 10 गुना सीटें ज़्यादा जीती हैं. जिस तेज़ी के साथ गुजरात में आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है, एक बात तो साफ है कि गुजरात से कमल को उखाड़ने के लिए जनता अब 'झाड़ू' पर भरोसा कर रही है.
गुजरात के निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के सभी जीते हुए उम्मीदवारों को बहुत-बहुत बधाई।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 28, 2026
गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर FIR हुई, उन्हें जेल में डाला गया लेकिन फिर भी उन्होंने डटकर चुनाव लड़ा। आम आदमी पार्टी ने पिछली बार की तुलना में लगभग 10 गुना सीटें ज़्यादा जीती… https://t.co/X8SyMrYmaU
'आप' ने कहा कि देदियापाड़ा जैसे आदिवासी क्षेत्र में सभी 11 जिला पंचायत सीटों पर जीत और बीजेपी का शून्य पर सिमटना एक बड़ा राजनीतिक संदेश है. यह परिणाम बताता है कि जिन इलाकों को दशकों तक नजरअंदाज किया गया, वहां अब लोग विकल्प चुन रहे हैं और वह विकल्प है ईमानदार राजनीति और बुनियादी मुद्दों पर काम करने का दावा.
आम आदमी पार्टी ने कहा कि अमरेली जिले के बगसरा तालुका पंचायत में 16 में से 10 सीटों पर जीत भी इस बदलाव की दिशा को मजबूत करती है. यह सिर्फ एक स्थानीय जीत नहीं, बल्कि उन गढ़ों में सेंध है जिन्हें अजेय माना जाता था.
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