इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक यासीन भटकल कोर्ट में पेशी के दौरान
नई दिल्ली/ पटना:
इंडियन मुजाहिदीन के सरगना यासीन भटकल को गिरफ्तारी के बाद आज दिल्ली लाया जा रहा है। बिहार−नेपाल की सीमा पर भटकल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में आतंक की दुनिया की कई परतें खुलेंगी। भटकल के साथ ही असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी भी पकड़ा गया है।
इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक और प्रमुख तथा भारत के 'मोस्ट वॉन्टेड' आतंकवादियों में से एक यासीन भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया। यासीन भटकल के साथ ही एक और आतंकवादी असदुल्लाह अख्तर को भी गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि भटकल को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया और वह बिहार पुलिस की हिरासत में है। पिछले दिनों लश्कर के 'बम मशीन' कहे जाने वाले मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए भटकल की गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि है। भटकल को गुरुवार को मोतीहारी की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने भटकल को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है।
बताया जाता है कि भटकल के बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने एनआईए को कुछ सुराग दिए थे, जिनके आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। यासीन भटकल को शुक्रवार को विशेष विमान के जरिये बिहार से दिल्ली लाया जाएगा, जिसके बाद उसे एनआईए के हवाले कर दिया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को छह महीने पहले यासीन की आवाजाही के बारे में सूचना मिली थी, तब से वे लगातार उसका पीछा कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार यासीन अपने आतंकवादी क्रियाकलापों और अपने कुछ संपर्क सूत्रों से मिलने के लिए बांग्लादेश जाने की योजना बना रहा था।
देश के 12 मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल भटकल की तलाश 2010 के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए धमाकों, पुणे जर्मन बेकरी ब्लास्ट के अलावा कई अन्य मामलों में थी। जर्मन बेकरी में हुए धमाके में 17 लोग मारे गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट में वर्ष 2011 में हुए धमाके का मास्टरमाइंड भी भटकल को ही बताया जाता है। उस पर कुल मिलाकर 50 लाख रुपये की इनामी राशि घोषित थी। मुंबई में एटीएस ने रेलवे स्टेशन पर भटकल के कई पोस्टर लगाए हुए थे।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन दरअसल, पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा पोषित और समर्थित संगठन है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि बंगलौर तथा हैदराबाद समेत कई शहरों में पिछले कुछ सालों में हुए आतंकवादी हमलों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का ही हाथ रहा है। 12 राज्यों की पुलिस को भटकल की तलाश थी। कहा जा रहा है कि वह पिछले दिनों बिहार के दरभंगा जिले के एक गांव में भी रहा था।
कर्नाटक के मूल निवासी 30-वर्षीय यासीन भटकल ने वर्ष 2008 में अपने भाई रियाज़ समेत दो लोगों के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना की थी। उसका असली नाम मोहम्मद अहमद सिद्दीबापा है। जर्मन बेकरी ब्लास्ट के अलावा यासीन भटकल एक क्रिकेट मैच के दौरान बंगलौर में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए विस्फोट के मामले में भी मुख्य अभियुक्त है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यासीन भटकल की गिरफ्तारी की खबर दी।
इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक और प्रमुख तथा भारत के 'मोस्ट वॉन्टेड' आतंकवादियों में से एक यासीन भटकल को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया गया। यासीन भटकल के साथ ही एक और आतंकवादी असदुल्लाह अख्तर को भी गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि भटकल को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया और वह बिहार पुलिस की हिरासत में है। पिछले दिनों लश्कर के 'बम मशीन' कहे जाने वाले मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए भटकल की गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि है। भटकल को गुरुवार को मोतीहारी की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने भटकल को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है।
बताया जाता है कि भटकल के बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने एनआईए को कुछ सुराग दिए थे, जिनके आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। यासीन भटकल को शुक्रवार को विशेष विमान के जरिये बिहार से दिल्ली लाया जाएगा, जिसके बाद उसे एनआईए के हवाले कर दिया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को छह महीने पहले यासीन की आवाजाही के बारे में सूचना मिली थी, तब से वे लगातार उसका पीछा कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार यासीन अपने आतंकवादी क्रियाकलापों और अपने कुछ संपर्क सूत्रों से मिलने के लिए बांग्लादेश जाने की योजना बना रहा था।
देश के 12 मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल भटकल की तलाश 2010 के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए धमाकों, पुणे जर्मन बेकरी ब्लास्ट के अलावा कई अन्य मामलों में थी। जर्मन बेकरी में हुए धमाके में 17 लोग मारे गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट में वर्ष 2011 में हुए धमाके का मास्टरमाइंड भी भटकल को ही बताया जाता है। उस पर कुल मिलाकर 50 लाख रुपये की इनामी राशि घोषित थी। मुंबई में एटीएस ने रेलवे स्टेशन पर भटकल के कई पोस्टर लगाए हुए थे।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन दरअसल, पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा पोषित और समर्थित संगठन है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि बंगलौर तथा हैदराबाद समेत कई शहरों में पिछले कुछ सालों में हुए आतंकवादी हमलों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का ही हाथ रहा है। 12 राज्यों की पुलिस को भटकल की तलाश थी। कहा जा रहा है कि वह पिछले दिनों बिहार के दरभंगा जिले के एक गांव में भी रहा था।
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वीडियो रिपोर्ट : इंडियन मुजाहिदीन प्रमुख यासीन भटकल धरा गया
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वीडियो रिपोर्ट : इंडियन मुजाहिदीन प्रमुख यासीन भटकल धरा गया
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कर्नाटक के मूल निवासी 30-वर्षीय यासीन भटकल ने वर्ष 2008 में अपने भाई रियाज़ समेत दो लोगों के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना की थी। उसका असली नाम मोहम्मद अहमद सिद्दीबापा है। जर्मन बेकरी ब्लास्ट के अलावा यासीन भटकल एक क्रिकेट मैच के दौरान बंगलौर में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए विस्फोट के मामले में भी मुख्य अभियुक्त है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यासीन भटकल की गिरफ्तारी की खबर दी।
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