सपा 27 सीटें 5 हजार से कम वोटों से हारी, बीजेपी ने 7 सीटें 500 से कम अंतर से जीतीं, देखें LIST

UP Results 2022 : सोशल मीडिया पर एक पोस्ट खूब वायरल हो रही है कि बीजेपी ने 23 सीटों पर 500 से कम वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की है, लेकिन फैक्ट चेक में यह दावा गलत साबित हुआ है.

सपा 27 सीटें 5 हजार से कम वोटों से हारी, बीजेपी ने 7 सीटें 500 से कम अंतर से जीतीं, देखें LIST

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : बीजेपी ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की

नई दिल्ली:

UP Assembly Election Results 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) के दोबारा सत्ता में वापसी और सपा की हार को लेकर आकलन अभी भी जारी है. चुनाव आयोग के आंकड़ों की मानें तो यूपी में 27 सीटें ऐसी रहीं, जहां समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) 5 हजार से भी कम वोटों से चुनाव हार गई. जबकि सात ऐसी विधानसभा सीटें रहीं, जहां बीजेपी ने 500 से भी कम वोटों से विजय पताका फहरा दी.सपा को अलीगंज, औराई, बहराइच, बदलापुर, भोगांव, छिबरामऊ, इटावा, फरीदपुर, जलालाबाद, बिंदकी, जलेसर, कटरा, मधुबन, मानिकपुर, मड़ियाहूं, मोहम्मदी, मुरादाबाद नगर, नकुड़, फूलपुर, सलोन, शाहगंज, श्रावस्ती, सीतापुर, सुल्तानपुर और तिर्वा सीटों पर 5,000 से कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा. इनमें से सात सीटों पर हार का अंतर 1,000 से भी कम था. आरएलडी को बड़ौत सीट 315 मतों से, नेहटौर सीट 258 मतों से और बिजनौर सीट 1445 मतों से गंवानी पड़ी.

23 सीटें 500 से कम वोटों से जीतने का दावा गलत

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट खूब वायरल हो रही है कि बीजेपी ने 23 सीटों पर 500 से कम वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की है, लेकिन फैक्ट चेक में यह दावा गलत साबित हुआ है. दरअसल, कोई भी ऐसी विधानसभा सीट नहीं रही, जिसमें जीत-हार का अंतर 200 या उससे कम रहा हो. सबसे कम अंतर धामपुर सीट पर रहा, जहां भाजपा उम्मीदवार अशोक कुमार राणा ने सपा प्रत्याशी नईम उल हसन को मात्र 203 मतों से हराया. कुर्सी सीट से बीजेपी प्रत्याशी साकेंद्र वर्मा ने सपा के राकेश वर्मा को महज 217 मतों से परास्त किया. बीजेपी सात सीटों बड़ौत, बिलासपुर, धामपुर, कटरा, कुर्सी, नकुड और नेहटौर सीटों पर ही 500 से कम वोटों से जीती है. चुनाव नतीजों में सपा को 27 सीटों पर 5000 से कम वोटों से हार मिली. रालोद को तीन सीटों पर मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा.

ओवैसी की पार्टी हार की वजह नहीं 

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में इन सीटों पर सपा की हार के लिए असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (Asaduddin Owaisi AIMIM) को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है लेकिन इन 30 में से 22 सीटों पर उसने अपना प्रत्याशी ही नहीं खड़ा किया था. सपा गठबंधन की हार तय करने वाली जिन आठ सीटों पर एआईएमआईएम ने अपने उम्मीदवार खड़े किए उनमें से औराई, कुर्सी, मुरादाबाद नगर, नकुड, शाहगंज, बिजनौर और सुल्तानपुर में उसके उम्मीदवारों को मिले वोट हार-जीत के अंतर से ज्यादा हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, कुल 52 सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर 5,000 या उससे कम का रहा.

बीजेपी (BJP) को भी नजदीकी अंतर से मिली मात

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बीजेपी की बात करें तो उसे 19 सीटों पर उसे 5 हजार से कम अंतर से हार झेलनी पड़ी. चांदपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार कमलेश सैनी को सपा के स्वामी ओमवेश ने मात्र 234 मतों से हराया. बीजेपी को रामनगर सीट केवल 261 और इसौली सीट 269 मतों के अंतर से गंवानी पड़ी.