
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईएएस अधिकारियों से ऐसे सकारात्मक बदलाव लाने को कहा जिससे देश को फायदा पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा कि तनाव और संघर्ष से बदलाव नहीं आ सकता।
साल 2013 बैच के 169 आईएएस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने कहा, 'तनाव और संघर्ष से बदलाव नहीं लाया जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने लोगों को जोड़ा जाता है।' उन्होंने कहा कि आप ऐसे लोगों में शामिल हैं जो भारत के विभिन्न जिलों का प्रबंधन करने जा रहे हैं। मोदी ने कहा, 'आप जो सकारात्मक बदलाव लायेंगे, वह राष्ट्र के लिए फायदेमंद होगा।' उन्होंने कहा कि 10 वर्ष उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है और उन्हें इन वर्ष का अधिकांश उपयोग करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बुनियाद मजबूत बने।
हम जमीनी स्तर पर क्या सीखते हैं, यह अहम
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे कार्य, हमारी दृष्टि के अनुरूप होनी चाहिए । हम जमीनी स्तर पर क्या सीखते हैं, वह काफी महत्वपूर्ण है।प्रधानमंत्री ने उन्हें शासन को सरल बनाने के लिए लोकोन्मुख पहल करने को प्रेरित किया। इन आईएएस अधिकारियों ने पहली बार अपना कैरियर राष्ट्रीय राजधानी से सहायक सचिव के रूप में शुरू किया। उन्हें संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों में नीतियों एवं महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। उन्हें चार वर्गो-आधारभूत संरचना, सामाजिक क्षेत्र, नियामक क्षेत्र, सहयोगी क्षेत्र और आर्थिक या वाणिज्य से जुड़े क्षेत्र के रूप में बांट कर अनुभव प्रदान किया जा रहा है। यह कार्य कैबिनेट सचिव ने निर्धारित किया है। डेस्क पर कार्य के अलावा ये युवा अधिकारियों को क्षेत्र में भी जा रहे हैं।
साल 2013 बैच के 169 आईएएस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने कहा, 'तनाव और संघर्ष से बदलाव नहीं लाया जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने लोगों को जोड़ा जाता है।' उन्होंने कहा कि आप ऐसे लोगों में शामिल हैं जो भारत के विभिन्न जिलों का प्रबंधन करने जा रहे हैं। मोदी ने कहा, 'आप जो सकारात्मक बदलाव लायेंगे, वह राष्ट्र के लिए फायदेमंद होगा।' उन्होंने कहा कि 10 वर्ष उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है और उन्हें इन वर्ष का अधिकांश उपयोग करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बुनियाद मजबूत बने।
हम जमीनी स्तर पर क्या सीखते हैं, यह अहम
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे कार्य, हमारी दृष्टि के अनुरूप होनी चाहिए । हम जमीनी स्तर पर क्या सीखते हैं, वह काफी महत्वपूर्ण है।प्रधानमंत्री ने उन्हें शासन को सरल बनाने के लिए लोकोन्मुख पहल करने को प्रेरित किया। इन आईएएस अधिकारियों ने पहली बार अपना कैरियर राष्ट्रीय राजधानी से सहायक सचिव के रूप में शुरू किया। उन्हें संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों में नीतियों एवं महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। उन्हें चार वर्गो-आधारभूत संरचना, सामाजिक क्षेत्र, नियामक क्षेत्र, सहयोगी क्षेत्र और आर्थिक या वाणिज्य से जुड़े क्षेत्र के रूप में बांट कर अनुभव प्रदान किया जा रहा है। यह कार्य कैबिनेट सचिव ने निर्धारित किया है। डेस्क पर कार्य के अलावा ये युवा अधिकारियों को क्षेत्र में भी जा रहे हैं।
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