
नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी के मसले पर विपक्षी दलों के हंगामे के बावजूद बजट सत्र के पहले चरण में 96 फीसदी तक कामकाज हुआ. 31 जनवरी से 11 फरवरी के बीच 9 दिनों में सदन की कार्रवाई 38 घंटे 30 मिनट तक चली जबकि नियमो के मुताबिक 41 घंटे 10 मिनट का समय निर्धारित था.
राज्यसभा सचिवालय की तरफ से जारी एक मीडिया रिलीज़ में कहा गया है की बजट सत्र के पहले चरण में 155 सांसदों को अपनी बात कहने का मौका मिला. जिन 6 दिनों में राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन चली उस दौरान सदन में मौजूद सांसदों ने कुल 323 बार हस्तक्षेप किया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मोशन ऑफ़ थैंक्स बहस में 45 सांसदों ने भाग लिया जबकि आम बजट पर चर्चा में 55 सांसदों ने भाग लिया.
2 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में सरकार की प्राथमिकता सूची में निम्नलिखित विधेयक शामिल हैं:
1) इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (सेकंड अमेंडमेंट) बिल 2019
2) दी मिनरल लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल 2020
3) दी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन बिल 2019
4) दी नेशनल कमीशन फॉर होमियोपैथी बिल 2019
5) दी एयरक्राफ्ट अमेंडमेंट बिल 2020
6) दी डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास बिल 2020
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