
सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली:
रेल यात्रियों के लिए रास्ते में आपात चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर उपयुक्त डॉक्टर व अस्पताल खोजना मुश्किल हो सकता है। इस जरूरत को देखते हुए निजी क्षेत्र की टेक्नॉलाजी कंपनी 'रेलयात्री डॉट इन' ने अपने ऐप 'रेलयात्री' पर 'मेडिकल इमरर्जेंसी' फीचर शुरू करने की शुक्रवार को घोषणा की।
मेडिकल इमर्जेंसी नाम से उपलब्ध इस सुविधा के तहत लोगों को देश भर में 6000 से अधिक रेल स्टेशनों के आसपास अस्पताल और एम्बूलेंस सुविधाओं की उनके संपर्क नंबर सहित महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
रेलयात्री डॉट इन के सीईओ एवं सह-संस्थापक मनीष राठी ने कहा, 'हमने रेल यात्रियों की मेडिकल सुविधा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी को संगठित किया है। रेल यात्रा के समय अक्सर यात्रियों को स्वास्थ्य सेवा को लेकर चिंता रहती है। यात्री अफरातफरी के क्षण में हमारी ऐप का सहारा ले सकते हैं।'
उन्होंने कहा कि इस ऐप पर केवल अस्पतालों की सूची ही नहीं, बल्कि स्टेशन से उसकी दिशा, अस्पताल और आपातस्थिति के लिए जरूरी एंबुलेंस सेवाओं के संपर्क नंबर की जानकारी भी मिलती है।
रास्ते में कनेक्टिविटी की चिंता से मुक्त रहने के लिए संबंधित मार्ग संबंधी सूचनाएं फोन पर यात्रा के प्रारंभ में ही डाउनलोड की जा सकती हैं। राठी ने कहा, 'इस ऐप सेवा से देशभर में 6,000 से अधिक स्टेशनों के आस पास 10,000 से अधिक अस्पतालों और डॉक्टरों तथा 300 से अधिक निजी एम्बूलेंस सेवाओं से संपर्क किया जा सकता है।' कंपनी इस सेवा को गूगल मैप से भी जोड़ रही है, ताकि स्थान ढूंढने में आसानी हो।
मेडिकल इमर्जेंसी नाम से उपलब्ध इस सुविधा के तहत लोगों को देश भर में 6000 से अधिक रेल स्टेशनों के आसपास अस्पताल और एम्बूलेंस सुविधाओं की उनके संपर्क नंबर सहित महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
रेलयात्री डॉट इन के सीईओ एवं सह-संस्थापक मनीष राठी ने कहा, 'हमने रेल यात्रियों की मेडिकल सुविधा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी को संगठित किया है। रेल यात्रा के समय अक्सर यात्रियों को स्वास्थ्य सेवा को लेकर चिंता रहती है। यात्री अफरातफरी के क्षण में हमारी ऐप का सहारा ले सकते हैं।'
उन्होंने कहा कि इस ऐप पर केवल अस्पतालों की सूची ही नहीं, बल्कि स्टेशन से उसकी दिशा, अस्पताल और आपातस्थिति के लिए जरूरी एंबुलेंस सेवाओं के संपर्क नंबर की जानकारी भी मिलती है।
रास्ते में कनेक्टिविटी की चिंता से मुक्त रहने के लिए संबंधित मार्ग संबंधी सूचनाएं फोन पर यात्रा के प्रारंभ में ही डाउनलोड की जा सकती हैं। राठी ने कहा, 'इस ऐप सेवा से देशभर में 6,000 से अधिक स्टेशनों के आस पास 10,000 से अधिक अस्पतालों और डॉक्टरों तथा 300 से अधिक निजी एम्बूलेंस सेवाओं से संपर्क किया जा सकता है।' कंपनी इस सेवा को गूगल मैप से भी जोड़ रही है, ताकि स्थान ढूंढने में आसानी हो।
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