
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू का इस्तीफा आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वीकार कर लिया है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को हांगलू ने एक जनवरी को अपना इस्तीफा भेजा था. इसके बाद मंत्रालय ने एमएचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की मंजूरी के साथ उसे महामहिम राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था. हांगलू के खिलाफ कुछ वक़्त पहले से ही मंत्रालय द्वारा विश्वविधालय में वितीय अनियमिताओं और महिला उत्पीड़न के एक मामले को लेकर जांच भी चल रही थी, जो हाल ही में पूरी हुई है.
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी: कुलपति के इस्तीफे के बाद अन्य अधिकारियों ने भी की इस्तीफे की पेशकश
कुलपति के रूप में प्रोफेसर हांगलू का कार्यकाल अभी एक वर्ष बचा हुआ था. उन्हें 2020 के अंत में सेवानिवृत होना था.
बुधवार को कुलपति के इस्तीफे के बाद गुरुवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक आक्रोशित रहे. संघटक महाविद्यालयों ने कुलपति के समर्थन में मानव श्रृंखला बनाई. शिक्षकों के संगठन ऑक्टा ने बयान जारी किया कि चार सालों में कुलपति को अनेक आरोपों से परेशान करने की कोशिश की, लेकिन एक भी आरोप प्रमाणित नहीं सका और एक गुट लगातार विश्ववविद्यालय को अस्थिर करने की कोशिश करता रहा, जबकि कुलपति ने इन सालों में विश्वविद्यालय में नियुक्ति, प्रमोशन, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बहुत काम किए.
कुलपति के इस्तीफे के बाद पीआरओ चितरंजन कुमार ने इस्तीफा देते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद 14 सालों में कोई भी कुलपति अपना कार्यकाल इस विश्वविद्यालय में पूरा नहीं कर सका है. इस बीच आठ कुलपति रहे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. विश्वविद्यालय को जड़ता से निकालने की कोशिश के कारण ही प्रोफेसर हांगलू को परेशान किया गया. उधर, कुलपति रतन लाल हंगलू के खिलाफ अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति भी बना दी है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरएल हांगलू का इस्तीफा राष्ट्रपति द्वारा शुक्रवार को मंजूर किए जाने की केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी अधिकारिक घोषणा कर दी है. हांगलू ने एक पत्र के जरिए अपना इस्तीफा बीते महीने 31 दिसंबर को मंत्रालय को भेजा था.
मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रपति द्वारा कुलपति का इस्तीफा मंजूर करने के अलावा उसे इस संबंध में पुनः एक जांच समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया गया है. यह समिति प्रोफेसर हांगलू के खिलाफ पूर्व में गठित की गई जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी. एमएचआरडी मंत्रालय ने यूजीसी के अध्यक्ष डी.पी.सिंह की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है.
समिति में उनके अलावा मध्यप्रदेश के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रकाश मणि त्रिपाठी और गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति रामाशंकर दुबे भी शामिल हैं. साथ ही मंत्रालय के निर्देश पर इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर को कुलपति कार्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने के लिए भी नियुक्त कर दिया गया है.
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