विज्ञापन
This Article is From Dec 16, 2016

बेनामी प्रॉपर्टी पर होगा वार : फिर एक साथ खड़े दिखने लगे पीएम नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार

बेनामी प्रॉपर्टी पर होगा वार : फिर एक साथ खड़े दिखने लगे पीएम नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के सामने साफ किया कि कर चोरों को नहीं बख्शने के उनके मिशन में कोई कोताही नहीं की जाएगी. पिछले महीने बड़ी रकम के नोटों को बंद कर देने के बाद अब उन्होंने कहा कि अगली धरपकड़ बेनामी ज़मीन-जायदाद के खिलाफ होगी. जब कुछ ही घंटों के नोटिस पर उन्होंने 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद किया था, तब भी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि वह ज़मीन-जायदाद के कारोबार की दुनिया को 'साफ' करने की कोशिश करेंगे, जो काला धन छिपाने वालों का पसंदीदा कारोबार है.

(पढ़ें : टीम नीतीश कुमार की पीएम को चेतावनी, नोटबंदी को समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों के सामने प्रधानमंत्री द्वारा शुक्रवार को इस संदर्भ में दोहराए गए इरादे ने एक बार फिर उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ खड़ा कर दिया है, जो इससे पहले वर्ष 2013 तक एक ही राष्ट्रीय गठबंधन का लगभग 20 साल तक एक साथ हिस्सा बने रहे थे. नीतीश ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ अपनी साझीदारी तब खत्म की थी, जब बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी चुना था, और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले पर ही नीतीश फिर उनका समर्थन करते सुनाई दिए.

अपने सहयोगियों तथा अपनी ही पार्टी के साथियों की नाखुशी के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नोटबंदी का 'पूरी तरह समर्थन' करते हैं, और साल खत्म होने तक वह प्रधानमंत्री के साथ ही रहेंगे. इसी सप्ताह उन्होंने फिर कहा, "प्रधानमंत्री ने नकदी संकट को खत्म करने के लिए 50 दिन का समय मांगा है, सो, हमे वह उन्हें देना चाहिए... मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो जल्दबाज़ी में किसी का समर्थन कर देते हैं, और फिर जल्दी ही उसे रद्द कर दें..." नोटबंदी पर जनता की राय जानने के लिए उत्तरी बिहार का दौरा कर रहे नीतीश ने प्रधानमंत्री की तारीफ के साथ-साथ उन्हें उन दिक्कतों की याद भी दिलाई, जो जनता को कुल प्रचलित मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा बंद हो जाने की वजह से झेलनी पड़ रही हैं. उन्होंने यह भी ज़ोर देककर कहा कि ज़मीन-जायदाद के कारोबार में सुधारों के बिना नोटबंदी से हो सकने वाले फायदे बेहद सीमित रह जाएंगे.

(पढ़ें : 1988 में बेनामी संपत्ति पर कानून बनाया, मगर लागू नहीं किया : पीएम मोदी)

ऐसे वक्त में मजबूत समर्थन देने के लिए, जब लगभग 15 विपक्षी दल नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार के विरोध में एकजुट हो गई हैं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी दिया. दोनों पक्षों के बीच इस तरह के सौहार्दपूर्ण बर्ताव की वजह से गलतफहमियां भी पैदा हुईं, और वे इतनी बढ़ गईं कि नीतीश कुमार को राज्य सरकार में अपने सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायकों को संबोधित कर स्पष्ट करना पड़ा कि बीजेपी के साथ दोबारा मेलजोल की कोई संभावना नहीं बन रही है.

गुरुवार को ही नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेताया था कि नोटबंदी के मुद्दे पर दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा ने कहा था कि अब हम जनता को हो रही परेशानियों को भी देख रहे हैं, और 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी का प्रभाव देखकर समर्थन की समीक्षा करेंगे... उन्होंने कहा था, "हम देखेंगे कि जिस लक्ष्य को सामने रखकर यह कदम उठाया गया था, क्या यह उसके काम आया...?"

सो, शुक्रवार को प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद फिलहाल यह नहीं लग रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री को अपने रुख के बारे में पुनर्विचार करने की कोई ज़रूरत है...

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी, बेनामी प्रॉपर्टी, बेनामी जमीन-जायदाद, बिहार, Nitish Kumar, Benami Property, Bihar, Narendra Modi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com