
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा हैं कि सता में वापस आए तो बिहार में हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाएंगे. ये बात नीतीश कुमार गुरुवार को क़ैमूर और रोहतास ज़िले के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे. नीतीश कुमार आज-कल ज़िलावार कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हैं, जो दरअसल आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में उनके अब चुनावी मोर्चे पर सक्रिया होने का संदेश देने के लिए हैं. हर दिन नीतीश तीन से चार ज़िलों के लोगों से वहां की विधानसभा की संख्या के आधार पर वर्चुअल सम्मेलन में भाग लेते हैं. इसी संबंध में उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा, 'जैसे लोगों के घर-घर तक बिजली पहुंचाया, वैसे ही कृषि क्षेत्र के लिए अलग से फ़ीडर का काम तेज गति से चल रहा हैं और अगली बार मौक़ा मिला तो हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचा दिया जायेगा.' हालांकि वो अपने इस वादे को कैसे अंजाम देंगे उसके बारे में विस्तार से नहीं बताया लेकिन माना जा रहा हैं कि ये चुनाव में वोट मांगने के समय एक अहम मुद्दा होगा.
हालांकि नीतीश के भाषण में कोरोना के बाद उनकी सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम की विस्तार से जानकारी अपने
कार्यकर्ताओं को दी जाती हैं और ये भी कहा जाता हैं कि लौटकर आए श्रमिकों का पूरा ख़्याल रखा जाएगा. लेकिन नीतीश इस बात पर सफ़ाई नहीं देते कि आख़िर जब मार्च महीने में विशेष ट्रेनें चली थी तो उस पर रोक क्यों लगवाई और जब
श्रमिक लौटकर आ रहे थे तब उनका भाड़ा देने से इनकार क्यों किया? लौटकर आए क़रीब 30 लाख से अधिक श्रमिकों में
अधिकांश लोगों में इस बात को लेकर नीतीश कुमार के प्रति काफ़ी आक्रोश हैं कि उन्होंने जब वो घर आना चाहते थे तब उन्होंने नियम क़ानून के आड़ में उसे विलंब करवाया या अड़चन लगाई.
जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का मानना हैं कि चुनाव तक माहौल बहुत हद तक बदल जायेगा. हालांकि ये नेता मानते हैं कि सभी लौट के आए लोगों को काम देना एक कठिन चुनौती निश्चित रूप से होगी.
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