
नवजोत सिंह सिद्धू ने इससे पहले हाल ही में राज्यसभा से इ्स्तीफा दिया है
नई दिल्ली:
बीजेपी से इस्तीफा दे चुके पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस बात की घोषणा 15 अगस्त को संभव है। कहा यह भी जा रहा है कि वह पंजाब में आप पार्टी की ओर सीएम उम्मीदवार नहीं बल्कि स्टार प्रचारक होंगे। गौरतलब है कि उन्होंने 18 जुलाई को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू को वर्तमान सरकार ने राज्यसभा पहुंचाया था।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धू...
1. आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार नहीं होंगे।
2. नवजोत सिद्धू पंजाब विधान सभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
3. नवजोत सिद्धू पंजाब विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक होंगे।
4. सिद्धू की पत्नी आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी।
5. आम आदमी पार्टी पंजाब में कोई सीएम कैंडिडेट का ऐलान ही ना करे, इसकी प्रबल संभावना है।
6. चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा।
पार्टी से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिद्धू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 'मैंने इस्तीफा दिया क्योंकि मुझसे कहा गया था कि पंजाब की तरफ मुंह नहीं करोगे।' सिद्धू ने आगे कहा 'मुझसे कहा गया कि तुम पंजाब से दूर रहोगे। धर्मों में सबसे बड़ा धर्म राष्ट्रधर्म होता है। तो फिर कैसे मैं अपनी जड़, अपना वतन छोड़ दूं।' सिद्धू ने बीजेपी का नाम नहीं लिया लेकिन यह ज़रूर कहा कि 'मोदी की लहर ने सिर्फ विपक्ष को ही नहीं सिद्धू को भी डुबो दिया।' दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल को सिद्धू टाल गए और उन्होंने कहा कि 'जहां पंजाब का हित होगा, वहां जाऊंगा।'
उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा थी
राज्यसभा के सभापति ने सिद्धू का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया था। उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा थी। इस मुद्दे पर अटकलों का बाजार गर्म रहने के बीच आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कहा था कि यदि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, तो वह बाहें फैलाकर उनका स्वागत करेगी। इस्तीफे पर संक्षिप्त बयान में सिद्धू ने अपनी भावी योजना के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत हैं कि वह अपनी पार्टी में राज्य में चल रही चीजों से नाखुश थे।
सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते
सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' सिद्धू की पत्नी ने भी बीजेपी छोड़ दिया है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। वहीं, भगवंत मान का कहना है, ‘सिद्धू अक्सर बोलते रहते हैं कि मैं अकालियों के साथ नहीं जा सकता। अगर बीजेपी और अकाली ने पंजाब में हाथ मिलाया तो मैं बोलूंगा कि लोग आम आदमी पार्टी को वोट दें।’
सूत्रों के मुताबिक सिद्धू...
1. आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार नहीं होंगे।
2. नवजोत सिद्धू पंजाब विधान सभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
3. नवजोत सिद्धू पंजाब विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक होंगे।
4. सिद्धू की पत्नी आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी।
5. आम आदमी पार्टी पंजाब में कोई सीएम कैंडिडेट का ऐलान ही ना करे, इसकी प्रबल संभावना है।
6. चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा।
पार्टी से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिद्धू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 'मैंने इस्तीफा दिया क्योंकि मुझसे कहा गया था कि पंजाब की तरफ मुंह नहीं करोगे।' सिद्धू ने आगे कहा 'मुझसे कहा गया कि तुम पंजाब से दूर रहोगे। धर्मों में सबसे बड़ा धर्म राष्ट्रधर्म होता है। तो फिर कैसे मैं अपनी जड़, अपना वतन छोड़ दूं।' सिद्धू ने बीजेपी का नाम नहीं लिया लेकिन यह ज़रूर कहा कि 'मोदी की लहर ने सिर्फ विपक्ष को ही नहीं सिद्धू को भी डुबो दिया।' दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल को सिद्धू टाल गए और उन्होंने कहा कि 'जहां पंजाब का हित होगा, वहां जाऊंगा।'
उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा थी
राज्यसभा के सभापति ने सिद्धू का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया था। उनके आम आदमी पार्टी में जाने की चर्चा थी। इस मुद्दे पर अटकलों का बाजार गर्म रहने के बीच आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कहा था कि यदि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, तो वह बाहें फैलाकर उनका स्वागत करेगी। इस्तीफे पर संक्षिप्त बयान में सिद्धू ने अपनी भावी योजना के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया, लेकिन संकेत हैं कि वह अपनी पार्टी में राज्य में चल रही चीजों से नाखुश थे।
सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते
सिद्धू ने अपने बयान में कहा, 'सम्मानीय प्रधानमंत्री के कहने पर मैंने पंजाब के कल्याण के लिए राज्यसभा का मनोयन स्वीकार कर लिया था।' उन्होंने कहा, 'पंजाब के लिए हर खिड़की बंद होने के साथ उद्देश्य धराशायी हो गया। अब यह महज बोझ रह गया। मैंने इसे नहीं ढोना सही समझा।' उन्होंने कहा, 'सही और गलत की लड़ाई में आप आत्मकेंद्रित होने के बजाय तटस्थ नहीं रह सकते। पंजाब का हित सर्वोपरि है।' सिद्धू की पत्नी ने भी बीजेपी छोड़ दिया है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा सीट अरुण जेटली के लिए छोड़ी थी, तब से वह पार्टी से नाखुश थे। सिद्धू पार्टी से काफी दिनों से नाराज चल रहे थे, लेकिन मीडिया के सामने उन्होंने कभी भी खुलकर यह नहीं कहा था। वहीं, भगवंत मान का कहना है, ‘सिद्धू अक्सर बोलते रहते हैं कि मैं अकालियों के साथ नहीं जा सकता। अगर बीजेपी और अकाली ने पंजाब में हाथ मिलाया तो मैं बोलूंगा कि लोग आम आदमी पार्टी को वोट दें।’
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