
(प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को एक नई सेवा के साथ एमपासपोर्ट सेवा मोबाईल एप लॉन्च की. इस एप के माध्यम से आवेदक देश के किसी भी कोने से पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकता है. एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई. एमपासपोर्ट सेवा एप छठे पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर लॉन्च किया गया. यह एप एंड्रॉयड और आईओएस मंच पर उपलब्ध है और इसके जरिए आवेदक आवेदन, भुगतान और पासपोर्ट सेवा के लिए मुलाकात का समय सुनिश्चित कर सकता है.
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बयान में कहा गया है, "इस एमपासपोर्ट सेवा एप के लॉन्च के साथ नागिरकों को पासपोर्ट सेवा के लिए आवेदन करते वक्त कंप्यूटर व प्रिंटर की जरूरत नहीं रहेगी." नए एप में नए उपयोगकर्ता का पंजीकरण, पंजीकृत उपयोगकर्ता द्वारा साइन इन करने, पासपोर्ट और पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए आवेदन, पासपोर्ट सेवाओं के लिए भुगतान, अपॉइंटमेंटतय करने, आवेदन की स्थिति, दस्तावेज सलाहकार और फीस कैलकुलेटर जैसी सेवाओं की सुविधा ले सकेंगे.
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मंत्रालय ने कहा कि इसकी अन्य नई योजना के माध्यम से आवेदकों को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ), वांछित पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) को चुनने की अनुमति मिलती है. इसके प्रयोग से वह अपने वर्तमान रिहायशी पते के साथ किसी भी सेवा केंद्र पर अपना आवेदन जमा करा सकेंगे, चाहे उनका पता चयनित आरपीओ के क्षेत्राधिकार में आता हो या नहीं.
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बयान में कहा गया है, "एक विशिष्ट पासपोर्ट के लिए अगर पुलिस जांच की जरूरत होती है तो आवेदन फॉर्म में लिखे पते पर जांच की जाएगी. आवेदक द्वारा आवेदन जमा करने के लिए चयनित आरपीओ द्वारा ही पासपोर्ट मुद्रित कर भेजा जाएगा." इस पहल से पीएसके और पीओपीएसके आवेदकों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है, जिन्हें निवास के सामान्य स्थान के पास आवेदन करने में असमर्थता होती है.
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बयान में कहा गया है, "इस एमपासपोर्ट सेवा एप के लॉन्च के साथ नागिरकों को पासपोर्ट सेवा के लिए आवेदन करते वक्त कंप्यूटर व प्रिंटर की जरूरत नहीं रहेगी." नए एप में नए उपयोगकर्ता का पंजीकरण, पंजीकृत उपयोगकर्ता द्वारा साइन इन करने, पासपोर्ट और पुलिस मंजूरी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए आवेदन, पासपोर्ट सेवाओं के लिए भुगतान, अपॉइंटमेंटतय करने, आवेदन की स्थिति, दस्तावेज सलाहकार और फीस कैलकुलेटर जैसी सेवाओं की सुविधा ले सकेंगे.
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मंत्रालय ने कहा कि इसकी अन्य नई योजना के माध्यम से आवेदकों को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ), वांछित पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) को चुनने की अनुमति मिलती है. इसके प्रयोग से वह अपने वर्तमान रिहायशी पते के साथ किसी भी सेवा केंद्र पर अपना आवेदन जमा करा सकेंगे, चाहे उनका पता चयनित आरपीओ के क्षेत्राधिकार में आता हो या नहीं.
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बयान में कहा गया है, "एक विशिष्ट पासपोर्ट के लिए अगर पुलिस जांच की जरूरत होती है तो आवेदन फॉर्म में लिखे पते पर जांच की जाएगी. आवेदक द्वारा आवेदन जमा करने के लिए चयनित आरपीओ द्वारा ही पासपोर्ट मुद्रित कर भेजा जाएगा." इस पहल से पीएसके और पीओपीएसके आवेदकों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है, जिन्हें निवास के सामान्य स्थान के पास आवेदन करने में असमर्थता होती है.
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