
कोझिकोड:
केरल पुलिस ने कोझिकोड के पास करीपुर हवाई अड्डे पर दो दिन पहले हुई हिंसक घटना के सिलसिले में शुक्रवार को भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के नौ अग्निमशन एवं सुरक्षा कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। उस घटना में सीआईएसएफ के एक जवान की मौत हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि एएआई के नौ अग्निमशन एवं सुरक्षा कर्मचारियों को शुक्रवार दोपहर बाद गिरफ्तार किया गया। उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनमें धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), घातक हथियारों के साथ दंगा करना, लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकना आदि शामिल है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। टीवी चैनलों ने एक वीडियो फुटेज का प्रसारण किया, जिसमें सीआईएसएफ का एक जवान जमीन पर गिरा हुआ है, जिसे संभवत: गोली लगी हुई है। इसके पहले दिन में एक अन्य फुटेज का प्रसारण किया गया, जिसमें दिखाया गया था कि एएआई के कर्मचारी सीआईएसएफ कर्मियों पर हमला कर रहे हैं।
इस बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक टी.पी. सेनकुमार ने 10 जून की रात हवाई अड्डे पर हुई हिंसा के संबंध में एक रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया था कि हाथापाई के दौरान सीआईएसएफ के एक अधिकारी की रिवॉल्वर से गोली चलने से सीआईएसएफ के एक हेडकांस्टेबल जयपाल यादव की मौत हो गई थी। इस घटनाक्रम में एक अधिकारी घायल हो गया था और वह अस्पताल में भर्ती है। हाथापाई कुछ समय तक चलती रही थी।
कुछ कर्मियों की तलाशी को लेकर दस जून को रात में करीब नौ बजकर 40 मिनट पर हुए विवाद के बाद सीआईएसएफ और अग्निशमन विभाग के कर्मियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद हवाई अड्डे को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था।
फारेंसिक अधिकारी घटना की जांच के लिए गुरुवार को हवाई अड्डा गए थे। इस बीच एडीजीपी (उत्तरी क्षेत्र) एन. शंकर रेड्डी ने घटना के संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंप दी है। रेड्डी ने कहा कि घटना के संबंध में एक प्रारंभिक रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी गई है।
यह पूछे जाने पर कि हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है, रेड्डी ने कहा, ‘सीसीटीवी में हर चीज है’ उन्होंने कहा, ‘यह घटना केंद्र सरकार के दो संगठनों से जुड़ी हुई है। हम सबूतों पर गौर करेंगे और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।’ एएआई कर्मचारियों की यूनियन ने शुक्रवार को घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
पुलिस ने बताया कि एएआई के नौ अग्निमशन एवं सुरक्षा कर्मचारियों को शुक्रवार दोपहर बाद गिरफ्तार किया गया। उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनमें धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), घातक हथियारों के साथ दंगा करना, लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकना आदि शामिल है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। टीवी चैनलों ने एक वीडियो फुटेज का प्रसारण किया, जिसमें सीआईएसएफ का एक जवान जमीन पर गिरा हुआ है, जिसे संभवत: गोली लगी हुई है। इसके पहले दिन में एक अन्य फुटेज का प्रसारण किया गया, जिसमें दिखाया गया था कि एएआई के कर्मचारी सीआईएसएफ कर्मियों पर हमला कर रहे हैं।
इस बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक टी.पी. सेनकुमार ने 10 जून की रात हवाई अड्डे पर हुई हिंसा के संबंध में एक रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया था कि हाथापाई के दौरान सीआईएसएफ के एक अधिकारी की रिवॉल्वर से गोली चलने से सीआईएसएफ के एक हेडकांस्टेबल जयपाल यादव की मौत हो गई थी। इस घटनाक्रम में एक अधिकारी घायल हो गया था और वह अस्पताल में भर्ती है। हाथापाई कुछ समय तक चलती रही थी।
कुछ कर्मियों की तलाशी को लेकर दस जून को रात में करीब नौ बजकर 40 मिनट पर हुए विवाद के बाद सीआईएसएफ और अग्निशमन विभाग के कर्मियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद हवाई अड्डे को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था।
फारेंसिक अधिकारी घटना की जांच के लिए गुरुवार को हवाई अड्डा गए थे। इस बीच एडीजीपी (उत्तरी क्षेत्र) एन. शंकर रेड्डी ने घटना के संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंप दी है। रेड्डी ने कहा कि घटना के संबंध में एक प्रारंभिक रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी गई है।
यह पूछे जाने पर कि हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है, रेड्डी ने कहा, ‘सीसीटीवी में हर चीज है’ उन्होंने कहा, ‘यह घटना केंद्र सरकार के दो संगठनों से जुड़ी हुई है। हम सबूतों पर गौर करेंगे और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।’ एएआई कर्मचारियों की यूनियन ने शुक्रवार को घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।