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This Article is From Feb 23, 2016

मसूद अजहर 14 जनवरी से पाकिस्तान की 'सुरक्षात्मक हिरासत' में है : सरताज अजीज

मसूद अजहर 14 जनवरी से पाकिस्तान की 'सुरक्षात्मक हिरासत' में है : सरताज अजीज
मसूद अजहर की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि भारत द्वारा पठानकोट आतंकवादी हमले का मास्टमाइंड बताया जा रहा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर 14 जनवरी से 'सुरक्षात्मक हिरासत' में है।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीखों पर भारत को निर्णय लेना है, जो आतंकवादी हमले के बाद स्थगित कर दी गई थी।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से विशेष जांच दल (एसआईटी) हमले की जांच के सिलसिले में मार्च के पहले कुछ दिनों में पठानकोट आ सकती है। अजीज ने कहा कि हमलावरों से जुड़े मोबाइल फोन नंबरों में एक के बारे में पता चला कि वह पाकिस्तान के बहावलपुर में एक आतंकवादी संगठन के मुख्यालय के पते पर है। उन्होंने पठानकोट आतंकवादी हमले के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने को आरोपियों को इंसाफ के कठघरे में लाने की दिशा में तार्किक और सकारात्मक कदम बताया।

उन्होंने 'हेडलाइंस टुडे' के करण थापर से कहा कि अजहर जैश-ए-मोहम्मद के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सुरक्षात्मक हिरासत में है और इस आतंकवादी संगठन के कुछ परिसर सील भी किए गए हैं। जब सबूत उपलब्ध हो जाएंगे, तब अजहर के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी।

यह पहली बार है कि पाकिस्तान सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि अजहर उस देश में हिरासत में है, वैसे तो इस आशय की खबरें पहले आई ही थीं। अजीज ने कहा कि पठानकोट आतंकवादी हमले के सिलसिले में चार दिन पहले दर्ज की गई प्राथमिकी ने पाकिस्तान के विशेष जांच के सबूत इकट्ठा करने के लिए भारत का दौरा करने के लिए कानूनी आधार तैयार किया है। भारत एसआईटी के दौरे पर सहमत हो गया है। जब उनसे कहा गया कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि एसआईटी को पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर नहीं जाने दिया जाएगा, अजीज ने कहा कि अपराध स्थल की पहुंच से हमेशा जांचकर्ताओं को मदद मिली है।

दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता करने के सवाल पर अजीज ने कहा कि गेंद भारत के पाले में है। उन्होंने कहा, इसका जवाब पूरी तरह भारत के पास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले महीने वाशिंगटन में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक-दूसरे से मिलेंगे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने पठानकोट हमले के सिलसिले में 18 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन उसमें अजहर का नाम नहीं है।

इस हमले की वजह से विदेश सचिव स्तर की वार्ता स्थगित हो गई थी। प्राथमिकी पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में आतंकवाद निरोधक विभाग में दर्ज की गई है। जब अजीज से मुंबई हमले के बारे में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी लश्कर आतंकवादी डेविड हेडली द्वारा भारतीय अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए खुलासों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह दोहरा एजेंट है और वह भरोसेमंद नहीं है।

उन्होंने पाकिस्तान में चल रही मुंबई हमले मामले की सुनवाई में हेडली के बयान को संज्ञान लेने से इनकार किया। अजीज ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता और हमले की जांच साथ-साथ चल सकती है तथा मोदी एवं शरीफ के बीच अच्छी केमिस्ट्री है। उन्होंने कहा कि संबंध सुधारने की दिशा में मोदी की कोशिश दिख रही है, लेकिन पाकिस्तान पर 'कड़े रुख' की छवि मिटाने के लिए और कुछ करने की जरूरत है। दोनों प्रधानमंत्रियों को गैर सरकारी तत्वों को वार्ता को पटरी से नहीं उतारने देना चाहिए।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)

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