
नई दिल्ली:
ग्रामीण रोज़गार मंत्री जयराम रमेश ने दावा किया कि नए भूमि अधिग्रहण बिल में किसानों के हित का भी ख़याल रखा गया है और उद्योगों के हित का भी। बिल में किसानों के लिए ज्यादा मुआवज़े की बात है जबकि जमीन लेने का कायदा आसान किया गया है।
किसी एक इलाके की ज़मीन लेने के लिए पहले की तरह 80 फीसदी नहीं बल्कि दो−तिहाई लोगों की मंज़ूरी की ही ज़रूरत पड़ेगी।
इसी बिल पर गुरुवार को जीओएम की बैठक हुई है। हालांकि बैठक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। बैठक से कुछ पहले एनडीटीवी इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में ग्रामीण रोज़गार मंत्री जयराम रमेश ने ये बात कही।
किसी एक इलाके की ज़मीन लेने के लिए पहले की तरह 80 फीसदी नहीं बल्कि दो−तिहाई लोगों की मंज़ूरी की ही ज़रूरत पड़ेगी।
इसी बिल पर गुरुवार को जीओएम की बैठक हुई है। हालांकि बैठक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। बैठक से कुछ पहले एनडीटीवी इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में ग्रामीण रोज़गार मंत्री जयराम रमेश ने ये बात कही।
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