
नई दिल्ली:
पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेन्सी ISI भारतीय सुरक्षा बलों पर स्मार्टफ़ोन ऐप्लिकेशन के ज़रिए जासूसी कर रही है। जिन ऐप्लिकेशन्स का इस्तेमाल ज़्यादा हो रहा है, वे हैं : top gun , mpjunkie, vdjunkie और talking frog।
गृह मंत्रालय ने किया स्वीकार कि....
गृह मंत्रालय के मुताबिक़, ISI ज़्यादातर एक्स सर्विसमेन को रिक्रूट कर रही है और उन्हें नौकरी और पैसे का लालच दे रही है।
इस बात का ख़ुलासा गृह राज्य मंत्री हरी भाई चौधरी ने लोक सभा में किया- यह हमारी नज़र में आया है कि किस तरह ISI एक्स सर्विसमेन के ऊपर अपना मायाजाल डाल रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा।
गृह मंत्रालय ने माना कि ISI कुछ चुनिंदा लोगों को वायरस या ट्रोजन मोबाइल ऐप के जरिए भेज रही है। सबसे ज़्यादा इस तरह के वायरस- top gun जोकि एक गेम ऐप है, mpjunkie जोकि म्यूज़िक ऐप है, vdjunkey जोकि एक वीडियो ऐप है और talking Frog जोकि एक एंटरटेनमेंट ऐप- में सामने आए है।
2013-2016 के बीच सात एक्स सर्विसमेन जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार
मंत्रालय के मुताबिक़, 2013-2016 के बीच सात एक्स सर्विसमेन जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। ये सब पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। "हमने सुरक्षा तंत्र को इस बारे में आगाह कर दिया है और आदतों को स्मार्ट फ़ोन के इस तरह की ऐप से सावधान रहने को कहा है," गृह राजू मंत्री ने बताया।
इसके अलावा सरकार ने भी कम्प्यूटर सिक्यॉरिटी की पॉलिसी को सभी मंत्रालयों में भेजा है और अफ़सरों को कहा है कि अपने स्टाफ़ को इसके बारे में बताएं। कई संवेदनशील इमारतों में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सर्विलांस भी शुरू की गयी है ताकि किसी साइबर अटैक के समय जल्द करवाई की जा सके।
गृह मंत्रालय ने किया स्वीकार कि....
गृह मंत्रालय के मुताबिक़, ISI ज़्यादातर एक्स सर्विसमेन को रिक्रूट कर रही है और उन्हें नौकरी और पैसे का लालच दे रही है।
इस बात का ख़ुलासा गृह राज्य मंत्री हरी भाई चौधरी ने लोक सभा में किया- यह हमारी नज़र में आया है कि किस तरह ISI एक्स सर्विसमेन के ऊपर अपना मायाजाल डाल रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा।
गृह मंत्रालय ने माना कि ISI कुछ चुनिंदा लोगों को वायरस या ट्रोजन मोबाइल ऐप के जरिए भेज रही है। सबसे ज़्यादा इस तरह के वायरस- top gun जोकि एक गेम ऐप है, mpjunkie जोकि म्यूज़िक ऐप है, vdjunkey जोकि एक वीडियो ऐप है और talking Frog जोकि एक एंटरटेनमेंट ऐप- में सामने आए है।
2013-2016 के बीच सात एक्स सर्विसमेन जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार
मंत्रालय के मुताबिक़, 2013-2016 के बीच सात एक्स सर्विसमेन जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। ये सब पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। "हमने सुरक्षा तंत्र को इस बारे में आगाह कर दिया है और आदतों को स्मार्ट फ़ोन के इस तरह की ऐप से सावधान रहने को कहा है," गृह राजू मंत्री ने बताया।
इसके अलावा सरकार ने भी कम्प्यूटर सिक्यॉरिटी की पॉलिसी को सभी मंत्रालयों में भेजा है और अफ़सरों को कहा है कि अपने स्टाफ़ को इसके बारे में बताएं। कई संवेदनशील इमारतों में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सर्विलांस भी शुरू की गयी है ताकि किसी साइबर अटैक के समय जल्द करवाई की जा सके।
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