
हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार, ऊर्जा, भूराजनीतिक स्थिरता और अपने प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में से एक है. यह बात विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह ने बुधवार को कही. आठवें हिंद महासागर संवाद के उद्घाटन सत्र को वर्चुअली संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र के बारे में भारत का दृष्टिकोण सागर सिद्धांत (SAGAR doctrine) पर नब्ज की तरह है. हमारे प्रधानमंत्री द्वारा उल्लिखित क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास, जिसमें राजनीतिक सुरक्षा, और आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि यह विश्वास और पारदर्शिता के माहौल पर आधारित शांति और समृद्धि के रूप में हिंद महासागर क्षेत्र और एक बड़े हिंद प्रशांत क्षेत्र की कल्पना करता है. तरराष्ट्रीय समुद्रद नियमों के लिए सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अधिकार के रूप में समान पहुंच, विवाद का शांतिपूर्ण समाधान और उन्नत समुद्रीय सहयोग है.
सिंह ने आगे कहा कि संवाद का यह आठवां संस्करण, सातवें संस्करण के बाद कोविड-19 के रूप में उभरने वाले अवसरों और चुनौतियों के बारे में निरंतरता है. उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि हिंद महासागर क्षेत्र सुरक्षित रहे. भारत हमेशा समुद्र, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों को आतंकवाद और समुद्री लूटपाट/डकैती (terrorism and piracy) से फ्री, खुला और सुरक्षित रखने के लिए काम करता रहेगा. आठवें हिंद महासागर क्षेत्र संवाद की मेजबानी इंडियन काउंसिल फॉर वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA), विदेश मंत्रालय और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) द्वारा की जाती है.
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