
सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान को खारिज कर दिया कि आरबीआई के पास पर्याप्त नकदी है. उन्होंने सवाल किया कि तब सारी रकम कहां गई और नकदी निकासी पर अब तक पाबंदी क्यों है?
येचुरी ने ट्विटर पर पूछा, "तब सारा धन कहां गया ? बैंकों से नकदी निकासी पर अब तक पाबंदी क्यों है ? " इससे पहले दिन में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों से मुद्रा की उपलब्धता के मामले में स्थिति बड़े पैमाने पर ठीक हो चुकी है. हालांकि, उन्होंने बैंक और एटीएम से रकम निकासी पर लगी सीमा को हटाने के बारे में कोई संकेत नहीं दिया था.
वित्तमंत्री ने कहा, "रिजर्व बैंक के पास और मुद्रा डालने के लिए नोटों का पर्याप्त भंडार है और वह इसकी आपूर्ति जारी रखेगा. मैंने दिल्ली भर का दौरा किया है और पूरे देश से हमारे पास रपटें हैं कि बैंकों के बाहर लोगों की कतार में उल्लेखनीय कमी आई है."
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नंवबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रपये के पुराने नोटों को बंद करने की औचक घोषणा की थी जिसके बाद से बैंकों के बाहर नोट बदलने और नकदी निकासी के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं थीं. इसी के साथ रिजर्व बैंक बाजार ने फिर से नई मुद्रा को डालना जारी रखा हुआ है.
नकदी निकासी पर लगी सीमा हटाने के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर जेटली ने कहा, "कृपया इंतजार करिए, जब हम इस पर निर्णय ले लेंगे तो सार्वजनिक किया जाएगा." कर विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर अंजाम दिए गए छापों के सवाल पर उन्होंने कहा, "यह दिखाता है कि बड़े स्तर पर लोग नोटों की तस्करी और अदला-बदली में शामिल हैं और यह प्रधानमंत्री के आठ नवंबर के फैसले को उचित ठहराता है."
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
येचुरी ने ट्विटर पर पूछा, "तब सारा धन कहां गया ? बैंकों से नकदी निकासी पर अब तक पाबंदी क्यों है ? " इससे पहले दिन में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों से मुद्रा की उपलब्धता के मामले में स्थिति बड़े पैमाने पर ठीक हो चुकी है. हालांकि, उन्होंने बैंक और एटीएम से रकम निकासी पर लगी सीमा को हटाने के बारे में कोई संकेत नहीं दिया था.
वित्तमंत्री ने कहा, "रिजर्व बैंक के पास और मुद्रा डालने के लिए नोटों का पर्याप्त भंडार है और वह इसकी आपूर्ति जारी रखेगा. मैंने दिल्ली भर का दौरा किया है और पूरे देश से हमारे पास रपटें हैं कि बैंकों के बाहर लोगों की कतार में उल्लेखनीय कमी आई है."
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नंवबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रपये के पुराने नोटों को बंद करने की औचक घोषणा की थी जिसके बाद से बैंकों के बाहर नोट बदलने और नकदी निकासी के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं थीं. इसी के साथ रिजर्व बैंक बाजार ने फिर से नई मुद्रा को डालना जारी रखा हुआ है.
नकदी निकासी पर लगी सीमा हटाने के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर जेटली ने कहा, "कृपया इंतजार करिए, जब हम इस पर निर्णय ले लेंगे तो सार्वजनिक किया जाएगा." कर विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर अंजाम दिए गए छापों के सवाल पर उन्होंने कहा, "यह दिखाता है कि बड़े स्तर पर लोग नोटों की तस्करी और अदला-बदली में शामिल हैं और यह प्रधानमंत्री के आठ नवंबर के फैसले को उचित ठहराता है."
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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