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This Article is From Feb 02, 2017

'बदसूरती' के चलते दहेज की मांग बढ़ती है : महाराष्ट्र में पढ़ाई जा रही पुस्तक

'बदसूरती' के चलते दहेज की मांग बढ़ती है : महाराष्ट्र में पढ़ाई जा रही पुस्तक
यह माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पुस्‍तक में पढ़ाया जा रहा है
मुंबई: इतिहास की पाठ्य पुस्‍तकों में तथ्‍यों से छेड़छाड़ के कई मामलों के विषय में तो आपने सुना होगा लेकिन शायद यह पहला मामला है जिसमें दहेज की मांग बढ़ने के पीछे बदसूसरती को वजह बताया है. महाराष्‍ट्र में 12वीं कक्षा में पढ़ाई जा रही एक पुस्‍तक में तो यही कहा गया है. राज्‍य की 12वीं कक्षा की एक पाठ्य पुस्तक में भारत में मौजूद दहेज की समस्या के लिए किसी लड़की की ‘बदसूरती’ और शारीरिक अशक्तता भी एक वजह बताई गई है. राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की समाजशास्त्र ‘भारत में बड़ी सामाजिक समस्याएं’ शीषर्क वाले एक अध्याय में यह टिप्पणी की गई है. धर्म, जाति प्रथा, सामाजिक प्रतिष्ठा और मुआवजा के सिद्धांत जैसे अन्य कारणों के साथ इस अध्याय में ‘बदसूरती’ को भी वर पक्ष की ओर से दहेज की मांग की एक वजह बताई गई है.

पुस्तक में कहा गया है, ‘‘यदि कोई लड़की बदसूरत और अशक्त है तो उसका विवाह होना बहुत मुश्किल हो जाता है. ऐसी लड़की से शादी करने के लिए वर (लड़का) और उसका परिवार अधिक दहेज की मांग करता है. ऐसी लड़कियों के माता पिता असहाय हो जाते हैं और वर पक्ष की मांग के मुताबिक दहेज देते हैं. यह दहेज प्रथा के चलन को बढ़ाता है.’

लैंगिक अधिकार संगठनों के ऐतराज जताए जा सकने वाले ‘पैसेज’ के बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा कि मामले पर गौर किया जाएगा. बोर्ड के अध्यक्ष गंगाधर ममाने ने कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे पर बोर्ड के साथ चर्चा करूंगा और फिर इस पर टिप्पणी करूंगा.’’

(इनपुट भाषा से...)

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