- कानून मंत्री होंगे कमेटी के अध्यक्ष
- 30 अक्टूबर तक देनी होगी रिपोर्ट
- इसी महीने छीना गया विशेष राज्य का दर्जा
जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार एक मंत्रिसमूह बनाने की खबरों का सरकार के सूचनाधिकारी ने खंडन किया है. बता दें कि इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि इस मंत्रिसमूह की रिपोर्ट राज्य के लिए किसी भी आर्थिक पैकेज का आधार बनेगी. जम्मू-कश्मीर से इसी महीने विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया गया और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि इस कमेटी के अध्यक्ष कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद होंगे. वहीं, सदस्यों में जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र तोमर को शामिल किया गया है.
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बता दें कि बीते 5 अगस्त को संसद में जम्मू-कश्मीर को लेकर घोषणा करते हुए, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह कदम जम्मू-कश्मीर के लिए सरकार की विकास योजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा. सरकार ने यह भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा देना विकास को सुगम बनाने के लिए था, क्योंकि अब यह केंद्र सरकार के अधीन आएगा.
वहीं, कश्मीर घाटी के उन क्षेत्रों में बुधवार को हाई स्कूल खोल दिए गए जहां पर प्रतिबंधों में ढील दी गई है. बहरहाल, छात्रों नदारद रहे. जम्मू्-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे. अधिकारियों ने बताया कि आज सबुह हाई स्कूल खोल दिए गए. बहरहाल इन स्कूलों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति देखी गई.
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इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक सेहरिश असगर ने कहा था, ‘शिक्षा विभाग ने कल से घाटी के उन इलाकों में सभी हाई स्कूलों को खोलने का फैसला किया है जहां प्रतिबंधों में ढील दी गई है.' घाटी के 81 थाना क्षेत्रों से लोगों के आवाजाही पर लगी रोक भी अब हटा ली गई है. स्कूलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए शिक्षा के निदेशक यूनिस मलिक ने मंगलवार को बताया कि पूरी घाटी में 3,037 प्राथमिक और 774 मिडल स्कूल खोल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि गत एक हफ्ते में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
अधिकारियों ने बताया कि घाटी में संचार पर रोक में कुछ हद तक ढील गई है. सुधरते हालात के मद्देनजर अधिकतर इलाकों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई है. अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के केंद्र के 5 अगस्त के फैसले के बाद से बीएसएनएल ब्रॉडबैंड एवं निजी लीज लाइन इंटरनेट सहित मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं.
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