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This Article is From Dec 09, 2017

गुजरात चुनाव में ब्लूटूथ के जरिए ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत बेबुनियाद : चुनाव आयोग

ब्लूटूथ के जरिये ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है.

गुजरात चुनाव में ब्लूटूथ के जरिए ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत बेबुनियाद : चुनाव आयोग
फाइल फोटो
  • चुनाव आयोग ने ब्लूटूथ के जरिये ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत को नकारा.
  • भाजपा ने ईवीएम को लेकर कांग्रेस पर कसा तंज.
  • चुनाव आयोग ने शिकायत के बाद दी अपनी सफाई.
अहमदाबाद:

ब्लूटूथ के जरिये ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है. गुजरात में चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि उसकी जांच में पता चला है कि विपक्षी कांग्रेस की ओर से ब्लूटूथ तकनीक के जरिए ईवीएम में संभावित छेड़छाड़ के बाबत जाहिर की गई आशंका बेबुनियाद है. आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में ब्लूटूथ ऑन करने के बाद जिस उपकरण का पता लगा, वह कोई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) नहीं थी बल्कि एक मतदान एजेंट का मोबाइल फोन था.

इससे पहले, गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 89 सीटों पर मतदान जारी रहने के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढ़वाडिया ने पोरबंदर के एक मुस्लिम बहुल इलाके के तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से संभावित छेड़छाड़ की शिकायत की थी. उन्होंने दावा किया था कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) ब्लूटूथ के जरिए बाहरी उपकरणों से जुड़ी पाई गई हैं.

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मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) बी बी स्वाइन ने शनिवार शाम पत्रकारों को बताया कि उनकी ओर से कराई गई जांच के बाद मिली रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में जब ब्लूटूथ ऑन किया जा रहा था तो 'ईसीओ 105' के रूप में एक अन्य उपकरण उपलब्ध मिल रहा था. स्वाइन ने कहा, 'आशंका हुई कि 'ईसीओ 105' मतदान केंद्र में लगी ईवीएम है, जिससे ब्लूटूथ तकनीक के जरिए संभावित छेड़छाड़ का डर पैदा हुआ. उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों से शिकायत आई वहां कलक्टर एवं पर्यवेक्षक को भेजा गया और शिकायतकर्ता को भी बुलाया गया.

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स्वाइन ने कहा कि स्थानीय मीडिया के सामने जांच कराई गई और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एक मतदान एजेंट के पास इंटेक्स कंपनी का एक मोबाइल फोन था जिस पर 'ईसीओ 105' मॉडल नंबर के तौर पर अंकित था. उन्होंने कहा, 'मनोज सिंगरखिया नाम का एक मतदान एजेंट मोबाइल फोन लेकर चल रहा था. वह शिकायतकर्ता के फोन के करीब खड़ा था. शिकायतकर्ता ने संभवत: सोचा होगा कि ईसीओ में 'ईसी' का मतलब इलेक्शन कमीशन है. इससे पहले, मोढ़वाडिया ने कहा था, 'हमने पाया कि मुस्लिम बहुल इलाके मेमनवाड़ा के तीन मतदान केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें ब्लूटूथ के जरिए बाहरी उपकरणों से जुड़ी हुई हैं. जब भी किसी मोबाइल फोन का ब्लूटूथ ऑन किया जाता है तो 'ईसीओ 105' नाम का एक उपकरण उपलब्ध दिखाई देता है.' उन्होंने आरोप लगाया था कि इसका साफ मतलब है कि ब्लूटूथ के जरिए उपकरण का इस्तेमाल कर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ की जा सकती है.

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कांग्रेस नेता ने कहा, 'ईवीएम में लगी चिप ब्लूटूथ के जरिए प्रोग्राम करने लायक लगती हैं और यह छेड़छाड़ की आशंका पैदा करती है. वोटिंग प्रणाली बाहरी उपकरणों से ऐसे जुड़ाव से मुक्त होनी चाहिए.' बहरहाल, भाजपा ने कहा कि मोढ़वाडिया की ओर से की गई शिकायत दिखाती है कि विपक्षी कांग्रेस 'कोई बहाना तलाश रही है, क्योंकि वह जानती है कि चुनावों में उसे करारी शिकस्त मिलने वाली है.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, 'कांग्रेस के सदस्य कह रहे हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी है. चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए. लेकिन हम कह सकते हैं कि नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस बहाने तलाशने में जुट गई है, क्योंकि उसे चुनावों में अपनी हार दिखाई देने लगी है. वे ईवीएम के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे हैं.'

VIDEO: गुजरात चुनाव : कुछ जगहों पर EVM में खराबी

(इनपुट भाषा से)

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