दिल्ली : संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सीएम अरविंद केजरीवाल से मिले

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने 29 लापता युवकों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी, जेलों में बंद आंदोलनकारियों को सभी मानवीय सुविधाएं देने की मांग की

दिल्ली : संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सीएम अरविंद केजरीवाल से मिले

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल.

नई दिल्ली:

संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज दिल्ली की जेलों में बंद आंदोलनकारियों की रिहाई और लापता हुए युवाओं के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से मुलाकात की. सयुंक्त किसान मोर्चा को तरफ से प्रेम सिंह भंगू, राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला, इंदरजीत सिंह व हरपाल सिंह मुंडल दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिले.    

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने अब तक पता चले 29 लापता युवकों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी और जेलों में बंद आंदोलनकारियों को सभी मानवीय सुविधाओं की मांग की. किसान नेताओं ने मेडिकल बोर्ड बनाने की मांग करते हुए कहा कि इस जांच से पुलिस ज्यादती सबके सामने आ सकेगी. मोर्चे के नेताओं ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की ताकि 26 जनवरी की साजिश सबके सामने आ सके. किसान नेताओ ने कहा कि पुलिस की जब्त में ट्रैक्टर और अन्य वाहन भी जल्द ही किसानों को वापस सौपें जाए.

इस बैठक में मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ दिल्ली के गृह मंत्री सतेंद्र जैन, राघव चड्ढा और डॉ बलबीर सिंह भी थे. केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि जेल उनके शासन के अधीन है और वह जेल में बंद आंदोलनकारियों को कोई परेशानी नहीं होने देंगे. दिल्ली सरकार ने किसान नेताओं को उन 115 किसानों की सूची भी दी जो तिहाड़ जेल में बंद हैं. किसान नेताओं को आश्वासन देते हुए कि केजरीवाल ने कहा कि वे उन मामलों पर देश के गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखेंगे जो मामले उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वे इंटरनेट व्यवस्था को भी तुरंत शुरू करने की भी मांग करेंगे.


संयुक्त किसान मोर्चा पहले ही जेल में बंद और लापता युवाओं को मुफ्त कानूनी सहायता और हर संभव मदद देने की घोषणा कर चुका है.

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उधर गाजियाबाद में लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का बहिष्कार किया जा रहा है. लोनी बॉर्डर के बेहटा हाजीपुर में एक बैठक हुई. इसमें ग्रामीणों ने विधायक का बहिष्कार किया. गुर्जर का लगभग 5 से ज़्यादा गांव बहिष्कार कर चुके हैं. नंद किशोर पिछले हफ़्ते अपने लोगों को लेकर राकेश टिकैत से ग़ाज़ीपुर बार्डर खाली कराने गए थे.