रविवार दोपहर को ओडिशा में पुरी के तट से टकरा सकता है Cyclone Jawad, 10 बातें
चक्रवात जवाद (Cyclone Jawad) रविवार सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है. इसके फलस्वरूप भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
चक्रवात जवाद के कारण भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है
मामले से संबंधित 10 बातें
- भारत के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार , बंगाल की खाड़ी पर दबाव का क्षेत्र शुक्रवार को बढ़कर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और यह उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा.
- मौसम विभाग के अनुसार, ' जवाद' पुरी के निकट ओडिशा के तट को रविवार दोपहर को छू सकता है.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अफसरों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिए थे.
- इन निर्देशों में जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने, आवश्यक सेवाओं की बहाली और तबाही की नौबत आने पर तेजी से स्थित सामान्य बनाने के लिए तत्परता से कार्य करना शामिल है.
- सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सभी मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां, स्थिति का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं .
- ओडिशा की दक्षिणी तट पर 266 बचाव टीमें तैनात करने की योजना है इसमें एनडीआरएफ, राज्य फायर सर्विस और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की टीमें शामिल होंगी.
- नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की 60 से अधिक टीमों की तैनाती की गई है, इसमें से 29 टीमें बोट, पेड़ों को काटने वाले साजोसामान और टेलीकॉम उपकरणों से लैस होंगी जबकि शेष standby के तौर पर रहेंगी.
- ऐहतियात के तौर पर ओडिशा ने समूचे तटीय क्षेत्र पर फिशिंग की गतिविधियों को रोक दिया है.
- आंध्र प्रदेश सरकार ने भी हाई अलर्ट जारी करते हुए तीन तटीय जिलों में सरकारी मशीनरी की तैनाती की है.
- ओडिशा सरकार ने राज्य के 13 जिलों के जिलाधिकारियों को लोगों को तटीय इलाकों से बाहर निकालने और राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहा है.