2018 के लेवल पर क्रूड ऑयल के दाम, लेकिन पेट्रोल 20 तो डीजल 17 रुपये हो गया महंगा, समझें- गणित

सितंबर 2018 में जब कच्चा तेल 77 डॉलर प्रति बैरल पर था उस वक्त पेट्रोल की घरेलू बाजार में कीमत 81.4 रुपये प्रति लीटर थी. आज तीन साल बाद कच्चा तेल 77 डॉलर पर फिर आ गया है, लेकिन भारत में पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर (शुक्रवार का भाव) है.

2018 के लेवल पर क्रूड ऑयल के दाम, लेकिन पेट्रोल 20 तो डीजल 17 रुपये हो गया महंगा, समझें- गणित

पेट्रोल और डीजल के दाम में तेजी जारी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

देश में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol Diesel Prices) आसमान छू रहे हैं. लगातार तीन दिन से ईंधन की कीमतों में वृद्धि की जा रही है. कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की बात कही जा रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड यानी ब्रेंट कच्चा तेल तीन साल के उच्चतम स्तर पर है. फिलहाल क्रूड ऑयल 77 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है. सितंबर 2018 में भी कच्चे तेल इसी स्तर पर तेल था. हालांकि, उस समय घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम आज जितने ज्यादा नहीं थे. सितंबर 2018 में जब कच्चा तेल 77 डॉलर प्रति बैरल पर था तो देश में पेट्रोल का दाम 81.4 रुपये प्रति लीटर था जबकि डीजल 73 रुपये लीटर पर था. आज देश में पेट्रोल अधिकांश जगह 100 के पार पहुंच गया है जबकि डीजल भी कई शहरों  में 100 रुपये के करीब है.

आंकड़ों पर गौर करें तो सितंबर 2018 में जब कच्चा तेल 77 डॉलर प्रति बैरल पर था उस वक्त पेट्रोल की घरेलू बाजार में कीमत 81.4 रुपये प्रति लीटर थी. आज तीन साल बाद कच्चा तेल 77 डॉलर पर फिर आ गया है, लेकिन भारत में पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर (शुक्रवार का भाव) है. वहीं, डीजल जो कि सितंबर 2018 में 73.12 रुपये प्रति लीटर था वो मौजूदा समय में 90.17 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इस हिसाब से देखा जाए तो तीन साल में कच्चे तेल के दाम तो 77 डॉलर पर वापस आ गए, लेकिन घरेलू बाजार में पेट्रोल करीब 20 रुपये लीटर जबकि डीजल 17 रुपये लीटर महंगा हुआ. 

सितंबर 2018 में पेट्रोल पर 102 प्रतिशत टैक्स लगता था, जो अब बढ़कर 147 फीसदी हो गया जबकि डीजल पर 2018 के समान महीने में 62 प्रतिशत कर लगता था. यह अब बढ़कर 113 प्रतिशत पर पहुंच गया है. वर्तमान में पेट्रोल का दाम सिर्फ 41.3 रुपये है और 60.5 रुपये टैक्स इत्यादि है. डीजल के मामले में दाम 42.29 रुपये और उस पर 47.88 रुपये टैक्स लगता है, जिससे आम आदमी को एक लीटर डीजल के लिए 90.17 रुपये देने पड़ रहे हैं.


ईंधन के दाम बढ़ने के कारण
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कई कारण है. इसमें वैश्विक ऊर्जा संकट, अमेरिका में तूफान के बाद कम उत्पादन, सर्दी के मौसम से पहले ऊंची मांग, आर्थिक सुधारों के चलते अप्रत्याशित मांग आदि शामिल हैं. वर्तमान में क्रूड 77 से 78 डॉलर प्रति बैरल चल रहा है, जिसे 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. 

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