
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी (फाइल फोटो)
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आज सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित पहले आंगनवाड़ी केंद्र ‘नंदघर’ का हरियाणा के सोनीपत जिले के हसनपुर गांव में उद्घाटन किया। सोनीपत में इस केंद्र का निर्माण निजी खनन कंपनी वेदांत के साथ मिलकर 12 लाख रुपये के खर्च से किया गया है। यह केंद्र सरकार की नंदघर योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को परिवर्तित करना है। केंद्र नवीनतम सुविधाओं से लैस होंगे और वहां दिन में करीब 50 बच्चे रह सकेंगे।
मेनका गांधी ने यह भी कहा कि इस भागीदारी के तहत और चार हजार नंदघरों का निर्माण किया ,जाएगा जहां ऐसी सुविधाएं होंगी जिनका बच्चों के स्वस्थ विकास में योगदान होगा।
उन्होंने कार्यक्रम के बाद कहा, यदि उनके प्रीस्कूल स्तर में उन्हें अच्छी देखभाल और सुविधाएं मुहैया करायी गईं तो उनका पूरा जीवन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनवाडी को केंद्र माना जाना चाहिए जहां बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, उन्हें भोजन मुहैया कराया जा सकता है और वे खेलकूद गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थान का इस्तेमाल गांव की महिलाएं एक सामुदायिक केंद्र के तौर पर कर सकती हैं जहां वे अपनी भावनाएं और विचार साझा कर सकती हैं।
मेनका ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार किसी शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक संकट से घिरी महिलाओं के लिए जल्द ही ‘वन स्टाप क्राइसिस सेंटर्स’ खोलेगी। उन्होंने कहा कि पहला ऐसा केंद्र छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में खोला जा रहा है और हरियाणा का पहला केंद्र करनाल जिले में खोला जाएगा।
एकीकृत आंगनवाडी मॉडल ‘नंदघर’ स्मार्ट शिक्षा, मोबाइल वैन, स्वास्थ्य जागरूकता और कौशल प्रशिक्षिण मुहैया कराएगा।
नंदघर केंद्रों को एक साझा स्थान के तौर पर संचालित करने का प्रस्ताव है, जिसमें 50 प्रतिशत समय बच्चों की शिक्षा और बाकी का समय महिला के कौशल विकास में लगाया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और वेदांता इमारतों के निर्माण का खर्च साझा करेंगे। आंगनवाड़ियों केंद्रों के लिए जमीन ग्राम पंचायतों द्वारा मुहैया करायी जाएगी।
मेनका गांधी ने यह भी कहा कि इस भागीदारी के तहत और चार हजार नंदघरों का निर्माण किया ,जाएगा जहां ऐसी सुविधाएं होंगी जिनका बच्चों के स्वस्थ विकास में योगदान होगा।
उन्होंने कार्यक्रम के बाद कहा, यदि उनके प्रीस्कूल स्तर में उन्हें अच्छी देखभाल और सुविधाएं मुहैया करायी गईं तो उनका पूरा जीवन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनवाडी को केंद्र माना जाना चाहिए जहां बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, उन्हें भोजन मुहैया कराया जा सकता है और वे खेलकूद गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थान का इस्तेमाल गांव की महिलाएं एक सामुदायिक केंद्र के तौर पर कर सकती हैं जहां वे अपनी भावनाएं और विचार साझा कर सकती हैं।
मेनका ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार किसी शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक संकट से घिरी महिलाओं के लिए जल्द ही ‘वन स्टाप क्राइसिस सेंटर्स’ खोलेगी। उन्होंने कहा कि पहला ऐसा केंद्र छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में खोला जा रहा है और हरियाणा का पहला केंद्र करनाल जिले में खोला जाएगा।
एकीकृत आंगनवाडी मॉडल ‘नंदघर’ स्मार्ट शिक्षा, मोबाइल वैन, स्वास्थ्य जागरूकता और कौशल प्रशिक्षिण मुहैया कराएगा।
नंदघर केंद्रों को एक साझा स्थान के तौर पर संचालित करने का प्रस्ताव है, जिसमें 50 प्रतिशत समय बच्चों की शिक्षा और बाकी का समय महिला के कौशल विकास में लगाया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और वेदांता इमारतों के निर्माण का खर्च साझा करेंगे। आंगनवाड़ियों केंद्रों के लिए जमीन ग्राम पंचायतों द्वारा मुहैया करायी जाएगी।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं