नई दिल्ली:
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमांकन और कुछ परिक्षेत्रों पर कब्जे के बारे में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम 29 जुलाई को ढाका जाएंगे। बांग्लादेश की अपनी एक दिन की यात्रा में चिदंबरम अपनी समकक्ष सहारा खातून से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, विपक्ष की नेता खालिदा जिया और अन्य नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। दोनों देशों ने पिछले सप्ताह सीमा के दोनों ओर ऐसे करीब 162 परिक्षेत्रों की पहचान की थी। उपमहाद्वीप के बंटवारे के समय से ही दोनों देशों के बीच सीमा के किसी भी ओर से अवरूद्ध किए गए परिक्षेत्रों का मसला हल नहीं हो पाया है। इससे ऐसे परिक्षेत्रों में रह रहे लोगों को संपर्क, ईर्जा और शिक्षा के संबंध में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा 4,906 किलोमीटर लंबी है। इसमें से 6.1 किलोमीटर क्षेत्र का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है। संभावना है कि चिदंबरम की ढाका यात्रा से इस क्षेत्र के सीमांकन को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच परिक्षेत्रों की संख्या 162 है, जिनमें से 111 ऐसे भारतीय परिक्षेत्र हैं, जो बांग्लादेश के अंदर हैं। दोनों पक्षों के बीच संयुक्त सीमा कार्य समूह की बैठक और इसके बाद गृह सचिव स्तरीय वार्ता के समय यह तय किया गया था कि वर्ष 1974 में इंदिरा-मुजीब समझौते के तहत परिक्षेत्रों की अदला-बदली की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सितंबर में बांग्लादेश दौरे पर जाने वाले हैं।
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