'इस तरह अपमान सहकर कांग्रेस में रहना मुश्किल', अमरिंदर सिंह ने पद छोड़ने से किया इनकार : सूत्र

सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच तीन नेताओं के नाम की चर्चा जोरों पर है. इनमें पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़, प्रताप सिंह बाजवा और बेअंत सिंह के पोते और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का नाम शामिल है.

पंजाब कांग्रेस में जारी संकट (Punjab Congress Crisis) थमने का नाम नहीं ले रहा है. तमाम कोशिशों के बावजूद कैप्टन और उनके धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू के बीच की सियासी जंग खत्म नहीं हो सकी है. शनिवार को होने वाली विधायक दल की अहम बैठक से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) का 'दर्द' झलक आया. सूत्रों के मुताबिक, अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कहा, "इस तरह के अपमान के साथ वह कांग्रेस में नहीं रह सकते हैं."

सूत्रों ने बताया कि कैप्टन ने पद छोड़ने से भी इनकार कर दिया है. इस बीच उन्होंने अपने समर्थक विधायकों से मुलाकात की है और हालात पर चर्चा की है. विधायक दल की बैठक 48 नाराज विधायकों की पार्टी आलाकमान को चिट्ठी लिखने के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से बुलाई गई है.  

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले विधायकों की इस बैठक ने राज्य की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को तेज कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच तीन नेताओं के नाम की चर्चा जोरों पर है. इनमें पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़, प्रताप सिंह बाजवा और बेअंत सिंह के पोते और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू का नाम शामिल है.

सूत्रों का कहना कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कहा, "इस तरह का अपमान काफी हो चुका. यह तीसरी बार हो रहा है. मैं इस तरह के अपमान के साथ पार्टी में नहीं रह सकता."


पिछले महीने पंजाब के 4 मंत्रियों और कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष के सुर ऊंचे किए थे.विधायकों ने कहा था कि उन्हें अब इस बात का भरोसा नहीं है कि अमरिंदर सिंह में अधूरे वादों को पूरा करने की क्षमता है. विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा गया है. इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर हरीश चौधरी और अजय माकन भी संभवतः उपस्थित होंगे.

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