
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो
ढाका:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा से पहले पड़ोसी देश के राजनीतिक रूप से प्रतिद्वंद्वी दलों में अद्भुत सर्वसम्मति देखने को मिली है। यहां सत्तारूढ़ अवामी लीग और विपक्षी बीएनपी एक आवाज़ में भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की पैरवी कर रही हैं।
विदेश मामलों के राज्य मंत्री शहरयार आलम ने कहा, ‘यह हमारी नेता और प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व के कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच इतनी अधिक एक राय है’।
उन्होंने कहा, ‘यह बस एक शासनाध्यक्ष की ढाका यात्रा नहीं है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक नया अध्याय है। दोनों देशों को एक दूसरे की जरूरत हैं। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां भारत ने बेइंतहा तरक्की की है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां हमने शानदार तरक्की की है’।
भारत के साथ बेहतर संबंधों के प्रभाव पर रोशनी डालते हुए आलम ने कहा कि काफी समय से लंबित भू-सीमा समझौते को लागू करने से जुड़े संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘विभिन्न सेक्टरों में दोनों देशों की एक दूसरे पर निर्भरता में दादागिरी जैसी चीज के लिए कोई जगह नहीं है जैसा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की खिलाफत करने वाले कुछ पक्ष आरोप लगाते हैं’।
वहीं बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया के सलाहकार ऐनाम अहमद चौधरी महसूस करते हैं कि राजनीतिक मतभेदों को सुलझाते हुए दोनों देशों द्वारा संबंधों को आगे ले जाने की जरूरत है।
चौधरी ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच राजनीतिक मतभेद कम हुए हैं और यह हम दोनों के लिए है कि हम कैसे हाथ मिलाएं और इस मंच का भविष्य के लिए इस्तेमाल करें’। अपने भारत विरोधी रुख के लिए जानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने भी मोदी की यात्रा का स्वागत किया है।
विदेश मामलों के राज्य मंत्री शहरयार आलम ने कहा, ‘यह हमारी नेता और प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व के कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच इतनी अधिक एक राय है’।
उन्होंने कहा, ‘यह बस एक शासनाध्यक्ष की ढाका यात्रा नहीं है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक नया अध्याय है। दोनों देशों को एक दूसरे की जरूरत हैं। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां भारत ने बेइंतहा तरक्की की है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां हमने शानदार तरक्की की है’।
भारत के साथ बेहतर संबंधों के प्रभाव पर रोशनी डालते हुए आलम ने कहा कि काफी समय से लंबित भू-सीमा समझौते को लागू करने से जुड़े संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘विभिन्न सेक्टरों में दोनों देशों की एक दूसरे पर निर्भरता में दादागिरी जैसी चीज के लिए कोई जगह नहीं है जैसा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की खिलाफत करने वाले कुछ पक्ष आरोप लगाते हैं’।
वहीं बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया के सलाहकार ऐनाम अहमद चौधरी महसूस करते हैं कि राजनीतिक मतभेदों को सुलझाते हुए दोनों देशों द्वारा संबंधों को आगे ले जाने की जरूरत है।
चौधरी ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच राजनीतिक मतभेद कम हुए हैं और यह हम दोनों के लिए है कि हम कैसे हाथ मिलाएं और इस मंच का भविष्य के लिए इस्तेमाल करें’। अपने भारत विरोधी रुख के लिए जानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने भी मोदी की यात्रा का स्वागत किया है।
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