
नई दिल्ली:
पूरा मॉनसून सत्र धुल गया, लेकिन सरकार राज्यसभा में जीएसटी बिल पर चर्चा नहीं करवा सकी। संसद के दोनों सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित भी हो गए। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जीएसटी बिल देश की तरक्की के लिए था, लेकिन कांग्रेस ने उसे आगे नहीं बढ़ने दिया।
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि संसद में स्पीच और नारे में क्या अंतर होता है वो ये नहीं जानते। काले धन पर कांग्रेस ने नहीं बल्कि जो कदम उठाए हैं एनडीए सरकार ने उठाए हैं। जेटली ने ये भी कहा कि जीएसटी एक बड़ा बिल था। कांग्रेस की अपनी घोषणा के अनुरूप था। इसका बड़ा लाभ देश को मिलने वाला था, इससे जीडीपी को फायदा पहुंचता, लेकिन कांग्रेस की स्पष्ट नीति लगती है कि कोई दूसरी सरकाए आए तो उसको रोकना है।
जेटली ने कहा 53 क्षेत्रों में जहां से 44 कांग्रेस के सांसद और 9 लेफ्ट के सांसद गतिरोध पैदा कर रहे थे, उसके बारे में उनकी पार्टी के नेता जाएंगे और सभाएं करेंगे। अरुण जेटली द्वारा कही गई बातों के मुख्य अंश -
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि संसद में स्पीच और नारे में क्या अंतर होता है वो ये नहीं जानते। काले धन पर कांग्रेस ने नहीं बल्कि जो कदम उठाए हैं एनडीए सरकार ने उठाए हैं। जेटली ने ये भी कहा कि जीएसटी एक बड़ा बिल था। कांग्रेस की अपनी घोषणा के अनुरूप था। इसका बड़ा लाभ देश को मिलने वाला था, इससे जीडीपी को फायदा पहुंचता, लेकिन कांग्रेस की स्पष्ट नीति लगती है कि कोई दूसरी सरकाए आए तो उसको रोकना है।
जेटली ने कहा 53 क्षेत्रों में जहां से 44 कांग्रेस के सांसद और 9 लेफ्ट के सांसद गतिरोध पैदा कर रहे थे, उसके बारे में उनकी पार्टी के नेता जाएंगे और सभाएं करेंगे। अरुण जेटली द्वारा कही गई बातों के मुख्य अंश -
- जीएसटी के प्रस्ताव को पहले कांग्रेस ने अपनी सहमति दी थी।
- अब वे विपक्ष में हैं, सिर्फ इसी के कारण इसका विरोध कर रहे हैं।
- जीएसटी से देश में एक सामान्य बाजार बनता। इससे सामानों की आवाजाही में सुविधा होती और जीडीपी ग्रोथ में मदद मिलती।
- उनका मकसद जीएसटी में देरी करना था। हम आपको अपनी रणनीति के बारे में नहीं बताएंगे, लेकिन हम इसे 1 अप्रैल से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- कांग्रेस की असली मंशा यही थी कि अर्थव्यवस्था का विकास न हो।
- देश कांग्रेस पार्टी और इसे कंट्रोल करने वाले परिवार के बारे में सब कुछ जानता है।
- बिना किसी कारण के संसद की कार्यवाही में बाधा पैदा की गई।
- एक निश्चित स्तर की परिपक्वता जरूरी है। इस मामले में वह (राहुल गांधी) जितने सीनियर होते जा रहे हैं, उतने अपरिपक्व बनते जा रहे हैं।
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