VIDEO : किसानों से 10वें दौर की वार्ता से पहले ट्रेन में सिख समुदाय के लोगों के साथ लंच करते दिखे कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर

कृषि कानूनों पर सम्मेलन के लिए मध्य प्रदेश के मुरैना जाते वक्त रास्ते में कृषि मंत्री ने सिख समुदाय के कुछ लोगों के साथ लंगर खाया.

VIDEO : किसानों से 10वें दौर की वार्ता से पहले ट्रेन में सिख समुदाय के लोगों के साथ लंच करते दिखे कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर

ट्रेन में सिख समुदाय के लोगों के साथ लंच करते दिखे कृषि मंत्री.

मुरैना:

कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार अपने इन कानूनों की वकालत के लिए कई तरीके अपना रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इन कानूनों पर बातचीत के लिए कई सम्मेलन कर रहे हैं. इसी क्रम में वो मध्य प्रदेश के मुरैना में एक सम्मेलन हिस्सा लेने आए थे, हालांकि, मुरैना पहुंचने से पहले का उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो सिख समुदाय के कुछ लोगों के साथ भोजन करते देखे गए.

दरअसल, नरेंद्र सिंह तोमर रविवार को दिल्ली से रेल मार्ग से मुरैना आ रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ट्रेन में सिख समुदाय के कुछ लोगों के साथ लंगर का खाना खाया. यह वीडियो उनके फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया गया है.

कृषि मंत्री ने वीडियो पर सवाल किए जाने पर तो कुछ जवाब नहीं दिया लेकिन मोदी सरकार की कृषि क्षेत्र में किए गए योगदानों का जरूर उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिये अभूतपूर्व कार्य किए हैं और सरकार इन किसान कानूनों को वापस नहीं लेगी.

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उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनरत किसानों के सुझावों पर बदलाव के लिए नौ चरणों की चर्चा कर चुकी है और उन्होंने संभवत: 19 जनवरी को दसवें चरण की चर्चा में किसानों से विकल्प और प्रावधानों पर चर्चा के साथ समाधान की ओर आगे बढ़ने का भरोसा जताया. उन्होंने किसान बिल को किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाला बताते हुए कहा कि भारत सरकार किसानों के उत्थान के प्रति प्रतिबद्ध है.


बता दें कि बड़ी संख्या में किसान संगठन और पंजाब, हरियाणा समेत कई दूसरे राज्यों के किसान हजारों की संख्या में नवंबर से ही दिल्ली की सीमाओं पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग मोदी सरकार द्वारा सितंबर में सदन से पारित तीन नए कृषि सुधार कानूनों को वापस लिए जाने की है. सरकार किसानों से नौ चरणों में बात कर चुकी है, जिसका कोई हल नहीं निकला है. इस बीच किसान संगठनों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने की चेतावनी दी है. कृषि मंत्रालय इन कानूनों पर किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए इनपर सम्मेलन भी कर रहा है.

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