पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आना ऐसी समस्या है, जिसे अक्सर लोग पानी कम पीने से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं. व्रत या व्यस्त दिनचर्या के दौरान पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ न लेने से पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है और पेशाब करते समय असहजता महसूस हो सकती है. लेकिन अगर जलन के साथ बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा हो, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आए या पेट के निचले हिस्से में दर्द हो, तो इसे केवल पानी की कमी समझना सही नहीं है. ये यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) से जुड़े लक्षण भी हो सकते हैं.
व्रत के दौरान बार-बार पेशाब जाने के डर से पानी कम करना सही तरीका नहीं है. अगर ये लक्षण लगातार बने रहें तो इनके कारण का पता लगाना जरूरी है. वहीं बुखार, ठंड लगना, उल्टी या कमर और पीठ के एक तरफ दर्द हो तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए. आइए जानते हैं UTI के सामान्य लक्षण क्या हैं, कौन से संकेत गंभीर हो सकते हैं और कब डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.
यूरिन इंफेक्शन के लक्षण
- पेशाब में जलन
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब होना और पेट के निचले हिस्से में दर्द मूत्र मार्ग संक्रमण के सामान्य लक्षण हो सकते हैं.
कुछ लोगों को पेशाब में दुर्गंध या धुंधलापन भी दिखाई दे सकता है. यदि संक्रमण का उपचार समय पर नहीं होता, तो कुछ मामलों में यह किडनी तक पहुंच सकता है.
कौन से लक्षण है ज्यादा गंभीर?
- पेशाब करते समय जलन
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या असहजता
- पेशाब में दुर्गंध, खून या धुंधलापन
गर्भवती महिलाओं, पुरुषों, मधुमेह से पीड़ित लोगों और पहले से किडनी की समस्या वाले व्यक्तियों में ऐसे लक्षणों के लिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर से समय पर जांच कराना जरूरी है
क्या करना चाहिए?
व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना, पेशाब को लंबे समय तक न रोकना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है. बार-बार पेशाब आने के डर से पानी का सेवन कम करना उचित नहीं है. हालांकि, जिन लोगों को किडनी या हृदय संबंधी बीमारी के कारण तरल पदार्थ सीमित रखने की सलाह दी गई है, अपने डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही पानी या दूसरे तरल पदार्थ लें.
डॉक्टर से कब मिलें
अगर पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. आवश्यकता के अनुसार पेशाब की जांच और अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं. बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेना उचित नहीं है, क्योंकि गलत उपचार से संक्रमण के सही निदान और प्रभावी उपचार में देरी हो सकती है.
पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने की समस्या लगातार बनी रहे तो इसे केवल पानी की कमी मानकर घर पर इलाज न करें. डॉक्टर से जांच कराकर इसके सही कारण का पता लगाना बेहतर है.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. नितीश देव आरजी हॉस्पिटल्स, देहरादून में यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट के कंसल्टेंट हैं.
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