नागपुर से सामने आई एक हालिया घटना ने ऑनलाइन स्वास्थ्य सलाह के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कथित तौर पर एक नाबालिग ने इंटरनेट और यूट्यूब पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर घरेलू नुस्खों और दवाओं की मदद से गर्भपात करने की कोशिश की. विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसे अप्रमाणित तरीकों का इस्तेमाल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जोखिमभरा हो सकता है.
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, दिल्ली की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पलक देवान के अनुसार, गर्भपात एक सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इसके लिए गर्भावस्था की अवधि के अनुसार सही चिकित्सा पद्धति और विशेषज्ञ की निगरानी जरूरी है. गलत तरीके अपनाने पर अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, अधूरा गर्भपात और प्रजनन अंगों को स्थायी नुकसान जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं, जो कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती हैं.
सबसे बड़ी चिंताओं में से एक यह है कि अप्रमाणित उपायों से गर्भपात हो ही नहीं सकता. ऐसी स्थिति में गर्भावस्था आगे बढ़ती रहती है, जिससे बाद में चिकित्सा देखभाल अधिक जटिल हो सकती है. अज्ञात पदार्थों का सेवन शरीर में विषाक्त प्रभाव भी पैदा कर सकता है. वहीं, गर्भावस्था की अधिक अवधि में बिना चिकित्सकीय निगरानी के गर्भपात का प्रयास आवश्यक चिकित्सा सहायता मिलने में देरी कर सकता है.

गर्भपात का सुरक्षित तरीका गर्भावस्था की अवधि और महिला की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है. मेडिकल एबॉर्शन में स्वीकृत दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कुछ परिस्थितियों में वैक्यूम एस्पिरेशन जैसी प्रक्रियाएं उपयुक्त हो सकती हैं. सही विकल्प का निर्धारण योग्य चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए, जो गर्भावस्था की स्थिति का आकलन कर उचित उपचार और आवश्यक फॉलो-अप की सलाह दे सके.
अनचाही गर्भावस्था का सामना कर रही किशोरियों को समय पर, संवेदनशील और गोपनीय चिकित्सा सहायता के साथ-साथ उचित सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक परामर्श मिलना बेहद जरूरी है. सामाजिक बदनामी या परिवार की प्रतिक्रिया के डर से उन्हें चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए. भारत में गर्भपात सेवाएं मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) अधिनियम और संबंधित नियमों के अंतर्गत विनियमित हैं, जिनमें नाबालिगों के लिए विशेष प्रावधान भी शामिल हैं.
गर्भपात के प्रयास के बाद अत्यधिक रक्तस्राव, पेट में तेज दर्द, बुखार, बेहोशी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए. मुख्य बात यह है कि ऑनलाइन वीडियो और घरेलू नुस्खे प्रमाण-आधारित चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं हैं. समय रहते योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने और स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद मिल सकती है.
एक्सपर्ट के बारे में- डॉ. पलक देवान आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, दिल्ली की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं.
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