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This Article is From Jul 31, 2018

इन 6 तरह के कॉन्‍ट्रासेप्टिव के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए

अगर आप बच्चे के लिए तैयार नहीं हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपके लिए किस तरह का गर्भ निरोधक ठीक रहेगा.

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इन 6 तरह के कॉन्‍ट्रासेप्टिव के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए

ये जरूरी नहीं है कि हर मैरिड कपल फैमिली प्‍लान करना चाहे. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए हर कपल को सावधान रहना चाहिए. अगर आप बच्चे के लिए तैयार नहीं हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपके लिए किस तरह का गर्भ निरोधक ठीक रहेगा. अकेले विज्ञापनों से सर्वश्रेष्ठ गर्भ निरोधकों के बारे में ज्ञान हासिल नहीं किया जा सकता. आपको बाजार में उपलब्ध गर्भ निरोधकों के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है जो आपको सही  निर्णय लेने में मदद कर सकता है.

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1. पिल्‍स
दवाईयां हार्मोनल गर्भ निरोधक हैं. गोलियां गर्भावस्था को रोकने के लिए हार्मोन का उपयोग करती हैं. पिल्‍स सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले गर्भ निरोधकों में से एक हैं और यह भी काफी प्रभावी होते हैं. पिल्‍स एग्‍स के निर्माण को रोकती हैं और शुक्राणु के कार्य में बांधा डालती हैं. ऐसी पिल्‍स को कंबाइंड ओरल गर्भनिरोधक गोलियां कहा जाता है. कंबाइंड गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन हार्मोन होते हैं. ऐसी पिल्‍स फर्टिलाइजेशन को रोक सकती हैं लेकिन ये एचआईवी या एसटीडी से सुरक्षा प्रदान नहीं करते. एक अन्य प्रकार की पिल भी होती है जिसे प्रोजेस्टोजेन (पीओपी) कहा जाता है. ये गोलियां शुक्राणु के प्रवाह को सीमित नहीं करती हैं, बल्कि गर्भाशय में म्यूकस को मोटा करती हैं ताकि शुक्राणु योनि में न जा सकें. पीओपी केवल हार्मोन प्रोजेस्टिन का उपयोग करता है.

 

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2. डेपो प्रोवेरा इंजेक्शन
ये इंजेक्शन हार्मोनल गर्भ निरोधक का एक रूप हैं. सर्वोत्तम परिणामों के लिए, आप इन्हें हर तीन महीने में एक बार ले सकते हैं. डेपो प्रोवेरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ से 99 फीसदी सफलता देते हैं.

 

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3. कंडोम
कंडोम सबसे सस्ते, सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाले गर्भनिरोधक हैं. कंडोम एक शरीर से दूसरे शरीर में लिक्‍विड जाने से रोकते हैं, जिससे शुक्राणु महिला की योनि में प्रवेश नहीं कर पाते. कंडोम न केवल गर्भ निरोधक हैं बल्कि यौन संक्रमित बीमारियों से भी रक्षा करते हैं. कंडोम दो तरह से बनाए जाते हैं: लेटेक्स और पॉलीयूरेथेन. लेटेक्स कंडोम आमतौर पर फार्मेसियों में आसानी से उपलब्ध होते हैं. दुनियाभर में अधिकांश कप्‍लस पुरुष कंडोम का उपयोग करते हैं. पर अब फीमेल कंडोम भी मार्केट में आने लगे हैं. ये भी उतने ही प्रभावी होते हैं जितने पुरुष कंडोम, पर ये आमतौर पर पुरुष कंडोम की तुलना में काफी महंगे होते हैं. 

 

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4. डायाफ्राम
गर्भनिरोधक का एक रूप है डायाफ्राम, जो शुक्राणु को योनि में प्रवेश करने से रोककर गर्भावस्था को रोकता है. डायाफ्राम को महिला की योनि में लेटेक्स डिस्क की तरह रखा जाता है. हर बार जब डायाफ्राम का उपयोग किया जाता है, इसे शुक्राणुनाशक माना जाना चाहिए, जो शुक्राणु को मारता है और वीर्य को गर्भाशय में प्रवेश करने से रोकता है. इस गर्भनिरोधक को संभोग से 6 घंटे पहले योनि में रखा जाता है और सेक्‍स के 24 घंटे के अंदर निकाल लिया जाता है. रेगुलर सेक्‍स करने वाले लोगों के लिए डायाफ्राम बहुत अधिक प्रभावी नहीं है.

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5. आपातकालीन गर्भ निरोधक
असुरक्षित यौन क्रिया के बाद एमरजेंसी गर्भ निरोधकों को दो से तीन दिनों तक लिया जा सकता है.  एमरजेंसी गर्भ निरोधक दो तरह के होते हैं: इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्‍टीव पिल्स (ईसीपी) और कोपर आईयूडी. ईसीपी की एक खुराक उन महिलाओं के लिए पर्याप्त है, जिनका वजन 70 किलो से कम है. वहीं जिन महिलाओं का वजन 70 किलो से अधिक है उन्‍हें इसके डोज से पहले डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करना चाहिए. कॉपर आईयूडी 99 फीसदी मामलों में गर्भावस्था को रोकता है. जब अन्य सभी विधियां विफल हो जाती हैं तो आपातकालीन गर्भनिरोधक विधि का चयन किया जा सकता है. इस गर्भ निरोधक के साइड इफेक्‍ट भी हो सकते हैं. 

 

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6. फेमकैप
फेमकैप या गर्भाशय ग्रीवा डायाफ्राम का एक छोटा संस्करण है. यह लेटेक्स से बना होता है जिसे सेक्‍स से लगभग 6 घंटे पहले योनि में डाला जाना चाहिए और अधिकतम 48 घंटों में बाहर निकाल लेना चाहिए. चूंकि ग्रीवा कैप केवल गर्भाशय के साथ ही सुगम बैठता है, यह न केवल अवांछित गर्भावस्था को रोकता है बल्कि यूरिन इंफेक्‍शन को भी रोकता है. फेमकैप्स यौन संक्रमित बीमारियों से केवल आंशिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.

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