- इस अभियान का उद्देश्य हिमालय, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए युवाओं को प्रेरित करना है
- दस हजार से अधिक युवाओं, स्वयंसेवकों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रभावकारों को जोड़ने की योजना है
- केदारनाथ को अभियान केंद्र बनाया गया है ताकि पर्यावरणीय दबाव और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके
देश के युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जोड़ने के उद्देश्य से ‘यूथ4 राइजिंग भारत-केदार ड्राइव 2026' की शुरुआत की गई है. गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सामाजिक कार्यकर्ता व अभिनेत्री आरुषि निशंक ने इस अभियान को हरी झंडी दिखाई. अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हिमालय, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है.
10 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
इस अभियान के तहत देशभर से 10 हजार से अधिक युवाओं और स्वयंसेवकों को जोड़ने की योजना बनाई गई है. आयोजन से जुड़े लोगों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि युवाओं की जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए.
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अभियान में आईआईटी, जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र भाग लेंगे. इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक, पर्यावरण कार्यकर्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम नागरिक भी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे.
प्लास्टिक प्रदूषण और कचरा प्रबंधन पर रहेगा फोकस
‘केदार ड्राइव 2026' के दौरान प्लास्टिक प्रदूषण कम करने, कचरे के उचित निपटारे, पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा. युवाओं को यह संदेश दिया जाएगा कि छोटे-छोटे कदम भी पर्यावरण को बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
केदारनाथ को क्यों चुना गया?
केदारनाथ धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करता है. बढ़ती आवाजाही के कारण यहां कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक प्रदूषण और पर्यावरणीय दबाव जैसी चुनौतियां सामने आती हैं. इसी वजह से इस अभियान का केंद्र केदारनाथ और हिमालयी क्षेत्र को बनाया गया है.
जिम्मेदार पर्यटन का भी संदेश
अभियान के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूक किया जाएगा. संदेश साफ है कि हिमालय को सुरक्षित रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और आम लोगों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है.
आरुषि निशंक, जो स्पर्श गंगा अभियान की सह-संस्थापक और ‘प्लास्टिक से पुण्य' पहल की संस्थापक हैं, इस अभियान का नेतृत्व कर रही हैं. आयोजकों का मानना है कि यदि युवा बड़ी संख्या में आगे आए तो पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है. ‘केदार ड्राइव 2026' इसी सोच को जमीन पर उतारने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है.
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