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This Article is From Dec 20, 2018

गुजरात और झारखंड की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव आज, तीन राज्यों में जीत के बाद फिर होगा कांग्रेस का 'टेस्ट'

Gujarat and Jharkhand By elections: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद गुरुवार को गुजरात और झारखंड की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा.

गुजरात और झारखंड की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव आज, तीन राज्यों में जीत के बाद फिर होगा कांग्रेस का 'टेस्ट'
Gujarat and Jharkhand By elections: गुजरात और झारखंड में उपचुनाव.
  • गुजरात और झारखंड की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव आज
  • तीन राज्यों में जीत के बाद फिर होगा कांग्रेस का 'टेस्ट'
  • उपचुनाव के लिए मतगणना 23 दिसंबर को होगी
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नई दिल्ली:

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद गुरुवार को गुजरात और झारखंड की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होगा. गुजरात की जसदण और झारखंड की कोलेबिरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान होंगे. कोलेबिरा से विधायक झारखंड पार्टी के विधायक एनोस एक्का को विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने के कारण यह सीट खाली हुई थी. वहीं, जसदण सीट से विधायक कुंवरजी बावलिया के जुलाई में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण यह सीट खाली हुयी थी. चुनाव आयोग ने दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 26 नवंबर को अधिसूचना जारी की थी.

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झारखंड के कोलेबीरा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को होने वाले उपचुनाव में भाजपा, मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित झारखंड पार्टी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है.इस सीट पर कुल पांच उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनमें भाजपा के बसंत सोरेंग, झारखंड पार्टी की मेनन एक्का और कांग्रेस के नमन विक्सेल कोंगाडी प्रमुख हैं. इनके अलावा सेंगेल पार्टी के अनिल कंदुलना एवं निर्दलीय बसंत डुंगडुंग भी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं. इन उपचुनावों में कांग्रेस की लाख कोशिशों के बावजूद मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उसके उम्मीदवार को समर्थन देने से इनकार कर दिया तथा झारखंड पार्टी के अयोग्य ठहराये गये विधायक एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का की उम्मीदवारी का समर्थन किया. इससे माना जाता है कि राज्य में विपक्षी एकजुटता को गहरा धक्का लगा है.

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वहीं, गुजरात में जसदण विधानसभा उपचुनाव से यह संकेत मिलेगा कि क्या कांग्रेस के पास अब भी संख्या के हिसाब से मजबूत कोली समुदाय का समर्थन है या समुदाय पांच बार विधायक रहे कुंवरजी बावलिया के साथ जाएगा, जिन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा का दामन थाम लिया है. इस सीट पर मौजूदा विधायक बावलिया के विपक्षी दल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने तथा जुलाई में विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव कराना पड़ रहा है. भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार अवसर नाकिया के खिलाफ उपचुनाव के लिए बावलिया को मैदान में उतारा है. ओबीसी कोली समुदाय के कद्दावर नेता बावलिया की इस विधानसभा क्षेत्र में जबरदस्त पैठ है. वह कांग्रेस के टिकट से पांच बार इस सीट पर निर्वाचित हो चुके हैं. वह तब से इस सीट पर जीतते आ रहे है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे.    

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एक बार सांसद रहे बावलिया अब विजय रुपाणी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. राजकोट जिले में स्थित जसदण निर्वाचन क्षेत्र में 35 प्रतिशत कोली मतदाता हैं. यह उपचुनाव भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है. भाजपा को हाल ही में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है. भाजपा कोली समुदाय के नेता के बलबूते उन्हें अपने समर्थन में करने की उम्मीदें लगाए हुए है. दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि बावलिया के पार्टी छोड़ने के बावजूद कोली समुदाय उसका समर्थन करता रहेगा जो उसका पारंपरिक वोट बैंक रहा है.        

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बता दें कि उपचुनाव के लिए मतगणना 23 दिसंबर को होगी.    

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