मौसम तेजी से बदल रहा है. कई राज्यों में ठंड बढ़ने लगी है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश का असर बना हुआ है. ऐसे मौसम में सर्दी, जुकाम, गले में खराश और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि बदलते मौसम में क्या खाएं और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए डाइट में किन चीजों को शामिल करें. फोर्टिस गुरुग्राम की हेड क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा बता रही हैं कि ठंड के मौसम में कौन से फूड्स इम्यूनिटी मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं.
पहले जान लें मौसम का हाल
दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' तटीय इलाकों में तबाही मचाने के अलावा इसके चलते उत्तर भारत में ठंड ने अचानक अपने पैर पसार लिए हैं. दक्षिण में तमिलनाडु, केरल, आंध्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान में सुबह शाम सिहरन छूटने लगी है.
पहाड़ों पर गिरती बर्फ ने मैदानी हवाओं में ऐसी ठंडक घोल दी है कि पंखे बंद हो गए हैं. जब मौसम इस तरह दो तरफ से करवट लेता है, तो सबसे पहले हमारा गला, छाती और पेट ही जवाब देते हैं. ऐसे मौसम में अगर अस्पताल के चक्कर और दवाओं से बचना है, तो सबसे पहले अपनी रसोई की आदतों को बदलना होगा.
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बदलते मौसम में क्या खाना चाहिए?
जब बाहर मौसम ठंडा और गीला हो, तो बासी खाना या ठंडी चीजें पेट में जाकर सीधा भारीपन पैदा करती हैं.
गर्म और ताजा खाना खाइए: फ्रिज में रखा ठंडा खाना या बासी रोटियां इस मौसम में हजम नहीं होंगी. अपनी थाली में ताजी बनी अरहर या मूंग की दाल, गर्म मौसमी सब्जियां और मूंग दाल की पतली खिचड़ी रखिए. यह पचने में हल्की रहती हैं और पेट पर बोझ नहीं डालतीं.
गर्म पानी की आदत डालिए: सुबह उठते ही सादे पानी की जगह हल्का गुनगुना पानी पीने की आदत डाल लें. शाम को अदरक वाली काली चाय या घर का बना सब्जियों का सूप बदन को अंदर से सेक देता है. बस ध्यान रहे कि खौलता हुआ पानी पीने की गलती न करें.
सर्दियों में कौन से अनाज शरीर को गर्म रखते हैं?
ठंड के दिनों में सदियों से हमारे घरों में गेहूं से हटकर दूसरे अनाजों का चलन रहा है. अब वही वक्त आ गया है.
बाजरा, मक्का और रागी: गेहूं की जगह बाजरे या मक्के की रोटी तवे पर सेकना शुरू कीजिए. इनमें फाइबर और आयरन भरपूर होता है, जो शरीर को भीतर से गर्म भी रखता है और शाम तक बार बार भूख लगने की झंझट से भी बचाता है.
हरी साग सब्जियों का मौसम: बाजार में ताजा पालक, मेथी, बथुआ और सरसों का साग दिखने लगा है. हफ्ते में तीन चार दिन हरी सब्जियों का झोल या साग जरूर खाइए.
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एक्सपर्ट की राय: क्या कहती हैं न्यूट्रिशनिस्ट?
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (FMRI), गुरुग्राम की हेड क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा (Deepti Khatuja) का कहना है, "जब भी बारिश और ठंड एक साथ आती है, तो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे कमजोर पड़ जाती है. यही वो समय होता है जब फ्लू, खांसी और जुकाम सबसे तेजी से फैलता है. ऐसे दिनों में पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना ही अकलमंदी है. अपनी डाइट में स्थानीय साग, मौसमी फल और पारंपरिक मोटे अनाजों को शामिल करें. ये हमारे शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज देते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि ठंड आते ही लोग पानी पीना छोड़ देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है. दिनभर में घूंट घूंट करके गुनगुना पानी जरूर पीते रहें ताकि नसों में खून का बहाव सही बना रहे."
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सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 5 फूड्स
- बाजरा
- रागी
- अदरक
- गुड़
- हरी पत्तेदार सब्जियां
ठंड के मौसम में गुड़, शहद और घी खाना कितना फायदेमंद है?
ठंड आते ही हर घर में तिल गुड़ के लड्डू और पंजीरी बनने लगती है, पर इसे खाते वक्त थोड़ी लगाम जरूरी है.
चीनी छोड़िए, गुड़ अपनाइए: चाय या दूध में सफेद चीनी की जगह थोड़ा सा पुराना गुड़ या देसी शहद डालिए. गुड़ पाचन को तेज करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिनभर चिक्की चबाते रहें, क्योंकि ज्यादा मीठा वजन बढ़ा देगा.
घी की मात्रा पर नजर रखें: सर्दियों में गर्म रोटियों पर थोड़ा सा देसी घी लगाना सेहत के लिए अच्छा है. पर हर चीज को घी में डुबोकर खाने की आदत से बचें, ताकि दिल और कोलेस्ट्रॉल दोनों सुरक्षित रहें.
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