टाइप-2 डायबिटीज से बचने के लिए क्या खाएं

क्या है टाइप 2 डायबिटीज, तो आपको बता दें कि टाइप 2 मधुमेह वाले व्यक्ति में, शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता है और इस स्थिति को इंसुलिन प्रतिरोध कहा जाता है.

टाइप-2 डायबिटीज से बचने के लिए क्या खाएं

मधुमेह या डायबिटीज तेजी से फैल रहा है. भारत में डायबिटीज से पीड़ित 25 वर्ष से कम आयु के हर चार लोगों में से एक (25.3 प्रतिशत) को वयस्क टाइप 2 मधुमेह है. यह स्थिति आदर्श रूप में मधुमेह, मोटापा, अस्वास्थ्यकर आहार और निष्क्रियता के पारिवारिक इतिहास वाले केवल बड़े वयस्कों को होनी चाहिए. शारीरिक गतिविधि, अच्छा पोषण और मधुमेह की दवाएं मानक देखभाल और टाइप-2 मधुमेह प्रबंधन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, कुछ लोगों को दवा के साथ भी अपने रक्त शर्करा के स्तर का प्रबंधन करना मुश्किल हो सकता है. टाइप 2 मधुमेह वाले व्यक्ति में, शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता है और इस स्थिति को इंसुलिन प्रतिरोध कहा जाता है. अग्न्याशय या पेंक्रियास पहले इसके लिए अतिरिक्त इंसुलिन बनाता है. हालांकि, समय के साथ, यह रक्त शर्करा को सामान्य स्तर पर रखने के लिए पर्याप्त नहीं बना पाता है. हालांकि इस स्थिति के लिए सटीक ट्रिगर ज्ञात नहीं है, टाइप 2 मधुमेह कारकों के संयोजन का एक परिणाम हो सकता है. कुछ ट्रिगर आनुवंशिक रूप से इस स्थिति के लिए पूर्वनिर्धारित हो सकते हैं.

किसे हो सकता है डायबिटीज

मोटापे के पारिवारिक इतिहास वाले लोग इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह के विकास के जोखिम में हैं. जो लोग मोटे हैं,  उनके शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में इंसुलिन का उपयोग करने की क्षमता पर दबाव बढ़ जाता है. इससे टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है. किसी व्यक्ति के शरीर में जितना अधिक वसायुक्त ऊतक होते हैं, उसकी कोशिकाएं उतनी ही अधिक प्रतिरोधी होती हैं. जीवनशैली कारकों की भी इसमें प्रमुख भूमिका होती है.

टाइप 2 मधुमेह के लक्षण 

टाइप 2 मधुमेह के लक्षण समय के साथ धीरे-धीरे सामने आते हैं. जैसे- 
- प्यास और भूख बढ़ जाना 
- बार-बार पेशाब का दबाव महसूस होना 
- तेजी से वजन घटना 
- थकान महसूस होना 
- नजर कमजोर होना, 
- संक्रमण और घावों का धीमी गति से भर पान और कुछ क्षेत्रों में त्वचा का काला पड़ना शामिल हैं.

टाइप 2 डायबिटीज : क्या खाएं और क्या नहीं

टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए. उन्हें स्वस्थ आहार लेना चाहिए. और अस्वास्थ्यकर को न कहना चाहिए. कम पोषक तत्वों वाले सस्ते भोजन बाजार से आसानी से मिल तो जाते हैं, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं. जंक फूड खाने से आप टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकते हैं. अपने आहार में सब्जियों, ताजे फलों, साबुत अनाजों और असंतृप्त वसा को शामिल करें.

नुकसान कम करने के कुछ उपाय :

- सेहतमंद भोजन यानी हेल्दी डाइट लें. 
- साबुत अनाज, फल और सब्जियों से भरपूर आहार शरीर के लिए बहुत अच्छा होता है. 
- रेशेदार भोजन यह सुनिश्चित करेगा कि आप लंबी अवधि के लिए पेट भरा महसूस करें और किसी भी तरह की तलब को रोकें.
- जितना हो सके, प्रोसेस्ड और रिफाइंड फूड से बचें.
- शराब के सेवन को सीमित करें और धूम्रपान छोड़ दें. बहुत ज्यादा शराब से वजन बढ़ता है जो आपके ब्लड प्रेशर और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकती है. पुरुषों को रोजाना दो ड्रिंक से ज्यादा और महिलाओं को एक ड्रिंक से ज्यादा नहीं लेना चाहिए. 
- जिनता आप व्यायाम करेंगे उनता ही सेहतमंद रहेंगे. व्यायाम के कई फायदे होते हैं. जिनमें वजन बढ़ना, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना और अन्य स्थितियां शामिल हैं. हर दिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि बहुत फायदेमंद है.

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