खाना खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना काफी कॉमन है. ये बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या खाया, कितनी फिजिकल एक्टिविटी की और शरीर में इंसुलिन कितनी अच्छी तरह काम कर रही है. आमतौर पर खाना खाने के करीब 3 घंटे बाद ब्लड शुगर फिर से खाने से पहले वाले लेवल तक या उसक आसपास पहुंचने लगती है. इस विषय को हम फोर्टिस हॉस्पिटल के डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी डॉ. योगेश छाबड़ा से विस्तार से समझेंगे. यहां डॉक्टर से जानते हैं खाना खाने के 3 घंटे बाद कितना ब्लड शुगर होना चाहिएय़
3 घंटे बाद नॉर्मल ब्लड शुगर कितना होना चाहिए?
डॉ. योगेश का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है, उनका ब्लड शुगर आमतौर पर 70 से 140 mg/dL के बीच रहता है. हालांकि, हर व्यक्ति में ये थोड़ा अलग हो सकता है. वहीं, डायबिटीज के मरीजों के लिए आमतौर पर लक्ष्य अलग-अलग हो सकता है, जैसे-
- खाना खाने से पहले 80 से 130 mg/dL शुगर लेवल होना चाहिए.
- खाना खाने के 1 से 2 घंटे बाद 180 mg/dL से कम शुगर लेवल होना चाहिए.
अगर ब्लड शुगर बढ़ जाए, तो क्या लक्षण दिखते हैं?
डॉ. छाबड़ा बताते हैं कि ब्लड शुगर ज्यादा होने पर शरीर में कई तरह के संकेत दिखते हैं, जैसे-
- व्यक्ति को बहुत ज्यादा प्यास लग सकती है
- बार-बार पेशाब आ सकता है
- थकान महसूस हो सकती है
- आंखों के आगे धुंधलापन आ सकता है
- सिरदर्द हो सकता है
- घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है.
ब्लड शुगर बढ़ने पर क्या करें?
- अगर आपका ब्लड शुगर बढ़ रहा है, तो ऐसी स्थिति में खूब पानी पिएं और मीठे ड्रिंक्स पीने से बचें.
- अगर तबीयत ठीक लग रही है, तो थोड़ी वॉक भी कर सकते हैं.
- डॉक्टर ने जो दवाइयां लिखी हैं, उन्हें समय पर लेते रहें.
हालांकि, डॉक्टर की सलाह के बिना इंसुलिन या किसी दवा की डोज खुद से कभी न बढ़ाएं. अगर ब्लड शुगर लगातार 180 से 200 mg/dL या उससे ज्यादा बना रहता है, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. अगर हाई ब्लड शुगर के साथ उल्टी, पेट दर्द, तेज सांस चलना, कन्फ्यूजन या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही हो तो तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए.
अगर ब्लड शुगर कम हो, जाए तो क्या करें?
70 mg/dL से कम ब्लड शुगर को लो ब्लड शुगर माना जाता है. इसके लक्षणों में पसीना आना, शरीर कांपना, तेज भूख लगना, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना और भ्रम की स्थिति शामिल हो सकती है. अगर व्यक्ति होश में है और निगल सकता है तो उसे लगभग 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट दें, जैसे ग्लूकोज टैबलेट. इसके 15 मिनट बाद दोबारा ब्लड शुगर चेक करें. जब तक शुगर 70 mg/dL से ऊपर न पहुंच जाए, यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है. अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए, दौरा पड़े या बहुत ज्यादा कन्फ्यूज हो जाए तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें. बेहोश व्यक्ति को खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं देना चाहिए.
लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से क्या नुकसान हैं?
लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल में न रहने पर आंखों की बीमारी, किडनी की समस्या, दिल की बीमारी, नसों को नुकसान, पैरों से जुड़ी दिक्कतें और ब्लड सर्कुलेशन की समस्या हो सकती है. इसीलिए डायबिटीज को कंट्रोल में रखना केवल शुगर कम करने के लिए नहीं, बल्कि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी है.
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