नई दिल्ली:
फिल्म डी-डे में सलीम पठान की भूमिका निभाने वाले इमरान हस्नी ने कहा कि यह फिल्म आम थ्रिलर फिल्मों से भिन्न है, जो मनोरंजन के साथ भावनाओं के साथ सरोकार नहीं छोड़ती।
इमरान हस्नी ने बताया, ‘‘आम थ्रिलर फिल्मों में घटनाओं का प्रवाह रहता है और उसका भावनात्मक पक्ष काफी कमजोर रहता है। थ्रिलर फिल्म होने के बावजूद इसमें भावनात्मक पक्ष को काफी मजबूती से प्रदर्शित किया गया है, जिसके कारण यह आखिर तक दर्शकों को बांधे रखती है।’’
निर्देशक निखिल आडवाणी ने इससे पहले भी ‘सलाम नमस्ते’, ‘सलामे इश्क’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’ जैसी सफल फिल्में दी हैं और इस बार फिल्म ‘डी-डे’ (कयामत का दिन) में उनके मुख्य कलाकारों में ऋषि कपूर, इरफान खान, हुमा कुरैशी, अर्जुन रामपाल और इमरान हस्नी शामिल हैं।
इमरान हस्नी ने कहा, ‘‘निर्देशक निखिल आडवाणी ने इस फिल्म में जबरदस्त प्रयोग किया है। आडवाणी ने एक बेहतरीन निर्देशन की बानगी दिखाई है और फिल्म ‘डी-डे’ से उनके काम के नए निखार को महसूस किया जा सकता है।’’ फिल्म की कहानी कराची में ठिकाना बनाए भारत के एक ‘मोस्ट वांटेड टेररिस्ट’ के खिलाफ ‘रिसर्च एनालिसिस विंग’ (रॉ) के अधिकारियों के अभियान पर आधारित है।
अर्जुन रामपाल, इरफान खान और हुमा कुरैशी ‘रॉ’ के अधिकारी हैं और पूरी फिल्म उस आतंकवादी को पकड़ने की जद्दोजहद के बारे में है।
इमरान हस्नी ने कहा, ‘‘फिल्म में ‘मोस्ट वांटेड टेररिस्ट’ की भूमिका ऋषि कपूर ने निभाई है और मेरा चरित्र एक अन्य डॉन सलीम पठान का है, जो ऋषी कपूर के साथ मिलकर काम करता है।’’
भोपाल में पैदा हुए इमरान हस्नी ने अपने फिल्मी सफर के बारे में कहा, ‘‘मैं पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। लेकिन जयपुर में अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान मैं थिएटर से जुड़ा हुआ था और नाटकों का निर्देशन करने के साथ अभिनय भी करता था। बाद में मुझे मॉरीशस में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक अच्छी नौकरी मिली। वहीं, पहली बार मैंने एक फ्रेंच फिल्म में काम किया और फिल्मों का चस्का लग गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाद में इंग्लैंड में नौकरी पर जाने के लिए वीजा के सिलसिले में भारत आया और उस समय मुंबई प्रवास के दौरान निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने मुझे फिल्म ‘गुलामी’ के लिए कास्ट कर लिया जो फिल्म किसी कारण से अधूरी है। लेकिन इन घटनाओं ने मुझे अपने ख्याल बदलने को बाध्य कर दिया और मैंने मुंबई रहकर फिल्मों में काम करने का निश्चय कर लिया।’’
इसी दौरान इमरान ने ‘माइटी हार्ट’, ‘स्लमडॉग मिलेनियर’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘वन्स अपौन ए टाईम इन मुंबई’ जैसी फिल्में की। यह संयोग ही है जो भी फिल्में उन्होंने की वह काफी हिट हुई। इसके अलावा उन्होंने कई धारावाहिकों में भी काम किया।
इमरान को खाली समय में सूफी संगीत सुनने और किताबें पढ़ने का शौक है।
इमरान हस्नी ने बताया, ‘‘आम थ्रिलर फिल्मों में घटनाओं का प्रवाह रहता है और उसका भावनात्मक पक्ष काफी कमजोर रहता है। थ्रिलर फिल्म होने के बावजूद इसमें भावनात्मक पक्ष को काफी मजबूती से प्रदर्शित किया गया है, जिसके कारण यह आखिर तक दर्शकों को बांधे रखती है।’’
निर्देशक निखिल आडवाणी ने इससे पहले भी ‘सलाम नमस्ते’, ‘सलामे इश्क’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’ जैसी सफल फिल्में दी हैं और इस बार फिल्म ‘डी-डे’ (कयामत का दिन) में उनके मुख्य कलाकारों में ऋषि कपूर, इरफान खान, हुमा कुरैशी, अर्जुन रामपाल और इमरान हस्नी शामिल हैं।
इमरान हस्नी ने कहा, ‘‘निर्देशक निखिल आडवाणी ने इस फिल्म में जबरदस्त प्रयोग किया है। आडवाणी ने एक बेहतरीन निर्देशन की बानगी दिखाई है और फिल्म ‘डी-डे’ से उनके काम के नए निखार को महसूस किया जा सकता है।’’ फिल्म की कहानी कराची में ठिकाना बनाए भारत के एक ‘मोस्ट वांटेड टेररिस्ट’ के खिलाफ ‘रिसर्च एनालिसिस विंग’ (रॉ) के अधिकारियों के अभियान पर आधारित है।
अर्जुन रामपाल, इरफान खान और हुमा कुरैशी ‘रॉ’ के अधिकारी हैं और पूरी फिल्म उस आतंकवादी को पकड़ने की जद्दोजहद के बारे में है।
इमरान हस्नी ने कहा, ‘‘फिल्म में ‘मोस्ट वांटेड टेररिस्ट’ की भूमिका ऋषि कपूर ने निभाई है और मेरा चरित्र एक अन्य डॉन सलीम पठान का है, जो ऋषी कपूर के साथ मिलकर काम करता है।’’
भोपाल में पैदा हुए इमरान हस्नी ने अपने फिल्मी सफर के बारे में कहा, ‘‘मैं पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। लेकिन जयपुर में अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान मैं थिएटर से जुड़ा हुआ था और नाटकों का निर्देशन करने के साथ अभिनय भी करता था। बाद में मुझे मॉरीशस में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक अच्छी नौकरी मिली। वहीं, पहली बार मैंने एक फ्रेंच फिल्म में काम किया और फिल्मों का चस्का लग गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाद में इंग्लैंड में नौकरी पर जाने के लिए वीजा के सिलसिले में भारत आया और उस समय मुंबई प्रवास के दौरान निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने मुझे फिल्म ‘गुलामी’ के लिए कास्ट कर लिया जो फिल्म किसी कारण से अधूरी है। लेकिन इन घटनाओं ने मुझे अपने ख्याल बदलने को बाध्य कर दिया और मैंने मुंबई रहकर फिल्मों में काम करने का निश्चय कर लिया।’’
इसी दौरान इमरान ने ‘माइटी हार्ट’, ‘स्लमडॉग मिलेनियर’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘वन्स अपौन ए टाईम इन मुंबई’ जैसी फिल्में की। यह संयोग ही है जो भी फिल्में उन्होंने की वह काफी हिट हुई। इसके अलावा उन्होंने कई धारावाहिकों में भी काम किया।
इमरान को खाली समय में सूफी संगीत सुनने और किताबें पढ़ने का शौक है।
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