Tale Wale Mahadev Ka Mandir Kahan Per Hai: हिंदू धर्म में भगवान शिव की साधना सबसे जल्दी फल प्रदान करने वाली मानी गई है. यही कारण है कि कोई उन्हें दूध तो कोई गंगाजल तो कोई सिर्फ बेलपत्र मात्र को चढ़ाकर उनकी कृपा पाने का प्रयास करता है. पूरे देश भर में औघड़दानी कहे जाने वाले भोले बाबा के कई ऐसे मंदिर हैं, जो अलग-अलग कामना या फिर अलग-अलग प्रकार की पूजा के लिए जाने जाते हैं. संगम नगरी प्रयागराज में मनकामेश्वर, हाटकेश्वर, तक्षकेश्वर आदि कई ऐसे शिवाले हैं, जहां पर हर रोज बडी संख्या में शिव भक्त भोले बाबा का दर्शन और पूजन करने के लिए पहुंचते हैं. आइए कुंभ नगरी प्रयागराज स्थित एक ऐसे ही चमत्कारी शिवालय के बारे में जानते हैं जहां भोले के भक्त महादेव को मनाने के लिए ताले चढ़ाते हैं.

नाथेश्वरनाथ महादेव यानि ताले वाले महादेव का यह सिद्ध मंदिर प्रयागराज के मुट्ठीगंज स्थित आर्यकन्या चौराहे पर स्थित है. महादेव के इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां ताले चढ़ाने पर भगवान भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सारे संकट हर लेते हैं.

PTI
ताले वाले महादेव मंदिर के अनन्य भक्त शैलेंद्र द्विवेद्वी के अनुसार यह प्राचीन शिवालय नाथ संप्रदाय के द्वारा स्थापित है, इसलिए इसे नाथेश्वरनाथ महादेव मंदिर या फिर कहें ताले वाले महादेव के नाम से जाना जाता है. ताले वाले महादेव का यह मंदिर प्रात:काल 07 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक भक्तों के दर्शन और पूजन के लिए खुला रहता है.

Photo Credit: PTI
नाथेश्वरनाथ मंदिर के बारे में मान्यता है जब कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां पर आकर शिव पूजन के बाद ताला अर्पित करता है तो उसकी कामना शीघ्र ही पूरी होती है. इसके बाद वह व्यक्ति यहां आकर अपना ताला खोल देता है.

नाथेश्वरनाथ महादेव मंदिर में लोगों की बढ़ती आस्था का अंदाजा आप यहां पर लगे हुए हजारों तालों को देखकर लगा सकते हैं. मंदिर ताला लगाए जाने से पहले पुजारी लोगों से संकल्प कराते हैं और उस ताले का पूरा ब्योरा दर्ज करने के बाद चाभी उसी भक्त को वापस कर देते हैं, ताकि वह अपनी कामना के पूरे होने पर वापस आकर ताला खोल सके.

Photo Credit: PTI
शैलेंद्र द्विवेद्वी जी के अनुसार महाशिवरात्रि के मौके पर बाबा का दिव्य श्रृंगार और पूजन होता है. ताले वाले मंदिर में एक अरबी भाषा में एक शिलालेख है, जिसे मुगलकाल का माना जाता है. बहरहाल, स्थानीय लोगों की मानें तो यह कई सौ साल पुराना सिद्ध शिव मंदिर है, जहां पर तीन हजार से ज्यादा ताले भक्तों के द्वारा लगाए जा चुके हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं