
दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों के लिए आज 64.77 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यहां कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच कड़ा मुकाबला है।
दिल्ली चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि शाम छह बजे तक 1.27 करोड़ मतदाताओं में से 64.77 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया तथा मत प्रतिशत बढ़ सकता है क्योंकि कई स्थानों पर लोग मतदान केंद्रों पर कतारों में लगे देखे गए।
साल 2009 के लोकसभा चुनाव में 52.3 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। बीते साल दिल्ली विधानसभा में 66 फीसदी मतदान हुआ था।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और आप नेता अरविन्द केजरीवाल शुरू में वोट डालने वालों में शामिल हैं।
लोकसभा चुनाव को यहां आप के लिए अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि कथित तौर पर पार्टी के जनाधार में कमी आई है। भाजपा की ‘मोदी लहर’ का दावा है जबकि कांग्रेस का पुरजोर तरीके से कहना है कि गत दिसम्बर में हुए विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद वह अपना खोया जनाधार फिर जुटा रही है।
चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और कृष्णा तीरथ, दिल्ली भाजपा के प्रमुख हर्षवर्धन, कांग्रेस के अजय माकन, संदीप दीक्षित, राजमोहन गांधी, आशुतोष और भाजपा की मीनाक्षी लेखी शामिल हैं।
लोकसभा चुनाव के नतीजे ही दिल्ली विधानसभा की भविष्य की स्थिति को तय करेंगे। अगर लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो वह विधानसभा चुनाव के लिए आगे जा सकती है। इस चुनाव से दिल्ली में आम आदमी पार्टी के जनाधार के बारे में पता चल जाएगा। हाल के दिनों में कयास लगाए जाते रहे हैं कि मध्य वर्ग में उसका जनाधार गिरा है। विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाली कांग्रेस ने दिल्ली में फिर से अपना जनाधार वापस पाने की कोशिश की है।
दिल्ली के इन तीनों प्रमुख दलों भाजपा, कांग्रेस और आप ने दावा किया कि वे सभी सात सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। कांग्रेस ने 2009 में सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी।
भाजपा का पूरा अभियान नरेंद्र मोदी पर केंद्रित था। टिकट के बंटवारे से नाराजगी के कारण शुरूआत में पार्टी के प्रचार अभियान पर असर पड़ा था। मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और अरूण जेटली जैसे शीर्ष नेताओं ने पार्टी के लिए प्रचार किया।
प्रतिष्ठित नयी दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार माकन ने संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस के उन समर्थकों का समर्थन फिर से हासिल करने का भरोसा जताया जिन्होंने चार महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी का दामन छोड़कर आप का साथ दिया था।
माकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल को जिन लोगों ने वोट दिया वे परंपरागत तौर पर कांग्रेस के मतदाता थे और वे इस बार हमें वोट देंगे। हम सभी सात सीटें जीतेंगे। मोदी की कोई लहर नहीं है।’’ केजरीवाल ने तिलक लेन स्थित अपने आवास के पास अपना वोट देने के बाद कहा कि कांग्रेस ने पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है जबकि भाजपा के नरेंद्र मोदी यह सोच रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री बन गए हैं।
केजरीवाल अपनी मां, पिता और पत्नी के साथ वोट डालने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से मतदान करने की भी अपील की।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं