
दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे के लिए भाजपा-कांग्रेस साठगांठ को जिम्मेदार ठहराते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि वह जिम्मेदारियों से नहीं भागे और पद त्यागने के लिए बड़ा कलेजा चाहिए।
वाराणसी लोकसभा सीट से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे केजरीवाल ने अपने समर्थकों से कहा कि भाजपा और कांग्रेस के शहंशाहों के खिलाफ चुनाव लड़ने का उनकी पार्टी का फैसला इन राजनीतिक दलों को खत्म करने के लिए है।
आप उम्मीदवार कुमार विश्वास अमेठी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
केजरीवाल ने कहा, 'ये दोनों ही दोनों दलों के शहंशाह हैं। अगर उन्हें हरा दिया जाता है, तो उनके संबंधित दल टुकड़ों में बंट जाएंगे। यही वजह है कि उन्हें चुनाव में हराना जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'अगर कुमार विश्वास राहुल गांधी को हरा दें तो कांग्रेस खत्म हो जाएगी। गांधी परिवार के कारण ही आज कांग्रेस एकजुट है। और अगर हम वाराणसी से मोदी को हरा पाएं तो भाजपा मिट जाएगी। इस प्रकार चुनाव में इस देश के इतिहास में एक अहम मोड़ बनने की काफी क्षमता है।'
पिछले सप्ताह वाराणसी से लौटकर आए केजरीवाल ने दावा किया कि उनके दौरे के बाद मंदिरों के उस शहर में आप के पक्ष में लहर बहने लगी है। इस दौरान उन्होंने मुसलमानों, बुनकरों और विद्यार्थियों समेत कई समुदायों से संवाद किया।
इन आरोपों पर कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया, केजरीवाल ने कहा, 'मैं कभी भागा नहीं। वे भाग गए। मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के लिए काफी हिम्मत और ईमानदारी चाहिए।' उन्होंने कहा, 'जब मैंने देखा कि वे साठगांठ कर रहे हैं, वे सरकार को काम नहीं करने दे रहे, तब मैंने इस्तीफा दे दिया। क्या भाजपा का कोई सरपंच कभी ऐसा कर सकता है।'
आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही महंगाई के लिए जिम्मेदार हैं और यदि दोनों में से कोई भी सत्ता में आए तो वे दाम बढ़ायेंगे ही, क्योंकि उनकी कुछ औद्योगिक घरानों के साथ मिलीभगत है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं