
एक और दिन, एक और फॉर्मूला भावनात्मक बातें, लेकिन नतीजा सिफर… महाराष्ट्र चुनावों में शिवसेना ने बीजेपी को गठबंधन का आखिरी ऑफर दे दिया है, कहा है 119 पर बीजेपी लड़े, 151 सीटों पर शिवसेना लड़ेगी, बाकि 18 सीटों पर दूसरे सहयोगी लेकिन बीजेपी ने इसे ठुकरा दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से 3 हफ्ते पहले 25 साल पुराने बीजेपी−शिवसेना गठबंधन में तनातनी बरकरार है, हालांकि दोनों दल कह रहे हैं कि वह नहीं चाहते गठबंधन टूटे।
मुंबई के बांद्रा में स्थित रंगशारदा सभागृह में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवसेना के कायर्कारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा शिवसेना 151 सीटों पर लड़ेगी हमारी तरफ से 18 सीटें गठबंधन में शामिल दूसरे छोटे दलों को दी जाएंगी। मैं ये वायदा करता हूं कि बीजेपी की एक भी सीट कम नहीं होगी पहले जो उनकी 119 सीटें थीं वह उन्हें मिलेंगी। मैं नुकसान सहने को तैयार हूं, मैं 18 सीटें छोड़ दूंगा… अब कृपा करके ज्यादा सीटों की मांग ना करें। ये अंतिम है।
टेलिविज़न कैमरों के सामने उद्धव के ऐलान के बाद बीजेपी ने जता दिया कि वह इस फाइनल फॉर्मूले को स्वीकार नहीं करेगी महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने दिल्ली में पार्टी बैठक के बाद कहा, ''बीजेपी ने प्रतिशत के मामले में शिवसेना से ज्यादा सीटें जीती हैं, टीवी पर प्रस्ताव के बजाए अगर शिवसेना सामने बैठकर चर्चा करती तो ज्यादा अच्छा होता। बीजेपी का कहना है कि इस फॉर्मूले के पीछे तर्क ये है कि शिवसेना 59 सीटें सालों से हारती रही है, जबकि खाते में ये आंकड़ा 19 का है हम चाहते हैं कि इन सीटों का फिर से बंटवारा हो।
सीट बंटवारे पर इस तनातनी से गठबंधन में शामिल छोटे दल भी अब नाराज़ होने लगे हैं। उनका कहना है कि जल्द से जल्द बंटवारा नहीं होने पर उन्हें अपने लिए कुछ अलग फैसला लेना पड़ सकता है।
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