बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना दावा किया कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए अन्य उम्मीदवारों के मुकाबले ज्यादा योग्य हैं।
नीतीश ने कहा, आज जो लोग पीएम उम्मीदवार बने फिर रहे हैं, क्या उनके पास मेरा जितना तजुर्बा है? नीतीश ने बिना नाम लिए मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, जो लोग संसद का नेतृत्व करना चाह रहे हैं, क्या उन्हें संसद में बैठने का कोई अनुभव है? उन्होंने कहा, राजनीति में मेरा लंबा अनुभव है और मेरे द्वारा किए गए कामों को देखिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी से अहं के टकराव का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। नीतीश ने कहा, यह स्पष्ट है कि वर्ष 2002 के (गुजरात) दंगे ही 2004 में एनडीए के सफाये का कारण बने थे। मैं 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी के कैबिनेट में मंत्री था, मोदी के कैबिनेट में नहीं, इसलिए मुझे क्यों इस्तीफा देना चाहिए था।
नीतीश ने एनडीए में वापसी को सिरे से खारिज करते हुए कहा, मैं बिहार की मिट्टी में दफन हो जाऊंगा, लेकिन एनडीए में नहीं लौटूंगा। तीसरे मोर्च की संभावनाओं के बारे में बात करते हुए नीतीश ने कहा कि यदि तीसरे मोर्चे में पीएम पद के उम्मीदवार भरे पड़े हैं, तो इसमें गलत क्या है... नीतीश ने कहा कि कांग्रेस ने आरजेडी प्रमुख लालू यादव को ब्लैकमेल करने के लिए हमारे साथ गठबंधन की हवा फैलाई थी। कांग्रेस ने मुझे कई बार संकेत भेजे, लेकिन मैं कभी इच्छुक नहीं रहा।
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