
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीसरे मोर्चे को समर्थन देने से इनकार करने के अगले ही दिन रविवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता अरुण जेटली ने कहा कि लोगों को नरेंद्र मोदी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) या फिर एक 'अराजक गठबंधन' में से किसी एक को चुनना होगा।
बीजेपी नेता ने कहा कि वामपंथी पार्टियां खंडित जनादेश चाहती हैं, ताकि वे तीसरा मोर्चा खड़ा कर सकें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस के क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी खुद-ब-खुद ही एनडीए के सहयोगी हो जाएंगे।
जेटली ने अपने ब्लॉग में रविवार को कहा, 'राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी पार्टी तीसरे मोर्चे को समर्थन नहीं करेगी।'
बीजेपी नेता ने सवाल किया है, 'वामपंथी खंडित जनादेश की उम्मीद पाले बैठे हैं। उनकी पुरजोर कोशिश है कि वैसी स्थिति में हर कोई राजग को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश करेगा। क्या इसमें तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी शामिल होंगे या बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी, डीएमके और एआईएडीएमके एक नाव पर सवार हो जाएंगे?'
'जो लोग अपने राज्य में गर कांग्रेस के नाम पर जिंदा हैं वे दिल्ली में कांग्रेस के साथ होने पर मुश्किल में घिरे नजर आएंगे। यदि वे दिल्ली में कांग्रेस का साथ देते हैं तो वे अपना कांग्रेस विरोधी जनाधार भाजपा के हाथों खो देंगे।'
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