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This Article is From Jan 14, 2015

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी, पार्टियों में ज़ुबानी जंग तेज़

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी, पार्टियों में ज़ुबानी जंग तेज़
अजय माकन की फाइल तस्वीर
नई दिल्ली:

लंबी चर्चा और जद्दोजहद के बाद आखिरकार कांग्रेस हाइकमान ने दिल्ली विधान सभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट देर रात जारी कर दी। लिस्ट में दो पूर्ण सांसदों का नाम शामिल किया गया है। चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष और दिल्ली की राजनीति में दशकों से सक्रिय अजय माकन सदर बाज़ार से चुनाव लड़ेंगे जबकि महाबल मिश्रा द्वारका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे।

दूसरी लिस्ट में कांग्रेस लीडरशिप ने अनुभव को तवज्जो दी है। इसमें प्रमुखता से जगह उन नेताओं को दी गई है जो लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय है और दिल्ली की जनता में उनकी पहचान अच्छी है। दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर चौधरी प्रेम सिंह अंबेडकर नगर से और योगानंद शास्त्री मावीय नगर से चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस की तीसरी लिस्ट गुरुवार को आने की उम्मीद है जिसमें 21 नामों का ऐलान हो सकता है।

उधर, दिल्ली में चुनावी की तारीख के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में ज़ुबानी जंग तेज़ हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद सामाजिक विकास के लिए आवंटित बजट घटा दिया है। वित्तीय घाटा कम करने के नाम पर इस कवायद से देश के गरीबों और जरूरतमंदों को नुकसान हुआ है।

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने बुधवार को बीजेपी पर आरोपों की झड़ी लगा दी। कहा, स्वास्थ्य, शिक्षा, मजदूरी से लेकर पंचायती राज तक - तमाम मोर्चों पर सरकार ने बजट में कटौती कर दी है- आम आदमी का हक़ छीना है।

कांग्रेस के मुताबिक मोदी सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के बजट को 6000 करोड़ घटा दिया है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में कटौती 11,000 करोड़ की गई है। कांग्रेस का ये भी आरोप है कि मनरेगा के लिए राज्यों को 45% फंड कम दिया गया है। पंचायती राज मंत्रालय का बजट 15000 करोड़ कम हो गया - तो सेना के बजट में भी 13,000 करोड़ की कटौती की गई है।

कांग्रेस ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में जितनी तेज़ी से कटौती हुई है उसके अनुपात में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कटौती नहीं की गई। यही नहीं, कांग्रेस ने ये भी कहा कि सरकार संसद को किनारे करके छह अहम मुद्दों पर अध्यादेश ला चुकी है।

जवाबी हमला करते हुए बीजेपी ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंडों का आरोप लगाया। शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि कांग्रेस के इस आरोप का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मनमोहन सिंह सरकार अपने कार्यकाल के दौरान 61 अध्यादेश लाए थे। वैंकेया नायडू ने ये भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते 195 अध्यादेश लाए गए थे। ऐसे में कांग्रेस के आरोप का कोई आधार नहीं है।

ज़ाहिर है, दिल्ली की राजनीति में तीसरे नंबर पर पिछड़ चुकी कांग्रेस खोई हुई राजनीतिक ज़मीन दोबारा हासिल करने की जद्दोजहद कर रही है जबकि बीजेपी कांग्रेस पर पलटवार कर अपनी स्थिति और मज़बूत करना चाहती है।

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